जावड़ेकर, प्रसाद व गंगवार को मिल सकती है गवर्नरी
’बरसों साथ रहते हैं लोग, पर कोई रिश्ता कायम नहीं होता
कुछ हवाओं पर सवार आते हैं, और हमारा वजूद महका जाते हैं’
कहते तो यही हैं कि सियासत तो कोठेवालियों का दुपट्टा है जो किसी के आंसुओं से तर नहीं होता। पर यह कहावत…