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विचार

विवेक रामास्वामी की हार: क्या ट्रंप की घटती लोकप्रियता से खिसक रहा है हिंदू-अमेरिकी समर्थन?

पूनम शर्मा अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में ओहायो से भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी की पराजय केवल एक राज्य का चुनावी परिणाम नहीं है। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घटती लोकप्रियता और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बदलते राजनीतिक…

पूर्वोत्तर की सीमा सुरक्षा: घुसपैठ, तस्करी और अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों के बीच भारत के सामने नई…

पूनम शर्मा  बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता, म्यांमार के सशस्त्र संघर्ष, सीमापार अपराध और चीन की सामरिक गतिविधियों ने भारत के पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बना दिया है। भारत का पूर्वोत्तर केवल आठ…

सोशल मीडिया : छोड़ भागें या डटे रहें?

डा. रमेश अग्रवाल साहस कीचड़ में नहाने, जांघिये में बाजार से गुजरने और चौराहे पर सिर के बल खड़े होने का क्या आपने भी सोशल मीडिया नाम की रंगारंग दुनिया में हाल ही पैर धरा है या पैर धरने की सोच रहे हैं? अथवा क्या आप पहले से सोशल मीडिया…

जीतने पर चुप, हारने पर सवाल? रामलीला मैदान की रैली और चुनावी भरोसे की असली परीक्षा

पूनम शर्मा  दिल्ली का रामलीला मैदान एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के बड़े टकराव का केंद्र बना है। INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आपत्तियों और कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध…

42 वर्षों की सेवा के बाद एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह सेवानिवृत्त, आशुतोष दीक्षित बने वायुसेना प्रमुख

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 1 नवंबर :भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह 31 अक्टूबर 2026 को 42 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनके स्थान पर एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख…

विकसित भारत 2047: बैंकिंग सुधारों से बदलेगी भारत की आर्थिक तस्वीर, आम नागरिकों को क्या मिलेगा लाभ?

पूनम शर्मा  भारत की बैंकिंग व्यवस्था अब एक ऐसे परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर रही है, जहाँ बैंकों की भूमिका केवल जमा स्वीकार करने और ऋण देने तक सीमित नहीं रह सकती। विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश को ऐसी बैंकिंग प्रणाली की…

जी-20 में जयशंकर का कूटनीतिक संदेश और वैश्विक नेतृत्व की नई दिशा

पूनम शर्मा विश्व राजनीति आज एक ऐसे निर्णायक दौर से गुजर रही है, जहाँ सैन्य शक्ति का प्रदर्शन बढ़ रहा है, लेकिन स्थायी शांति की संभावनाएँ लगातार कमजोर होती दिखाई दे रही हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, अमेरिका-चीन की…

क्या वैश्विक एक्टिविज़्म के पीछे उभर रहा है संगठित अंतरराष्ट्रीय तंत्र?

पूनम शर्मा  दुनिया भर में विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं। नागरिकों को सरकारों, नीतियों और संस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है। लेकिन जब अलग-अलग देशों में चल रहे आंदोलनों के संदेश, संगठन, डिजिटल मंच और विचारधारात्मक…

कर्नाटक MLC नतीजे और EVM बहस: लोकतंत्र का भरोसा जीत-हार के हिसाब से नहीं बदल सकता

पूनम शर्मा  कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने भारतीय राजनीति के सामने एक महत्वपूर्ण प्रश्न फिर खड़ा कर दिया है—क्या किसी चुनाव प्रणाली पर भरोसा इस आधार पर तय होना चाहिए कि कौन-सी पार्टी जीती और कौन हारी? 23 अक्टूबर को कर्नाटक की…

भारतीय फैशन उद्योग और बदलती उपभोक्ता मानसिकता

पूनम शर्मा आप सोचते होंगे कि लुई फिलिप (Louis Philippe), वैन ह्यूसेन (Van Heusen), एलन सॉली (Allen Solly), पीटर इंग्लैंड (Peter England), पार्क एवेन्यू (Park Avenue), रीड एंड टेलर (Reid & Taylor), मोंटे कार्लो (Monte Carlo) और दा…