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March 24, 2023

धारण करना ही धर्म है, जो सनातन का सार है !

प्रस्तुति -कुमार राकेश एक राजा ने घोषणा की कि जो धर्म श्रेष्ठ होगा, मैं उसे स्वीकार करूँगा और आगे बढ़ाने में मदद दूँगा. अब तो उसके पास अपने धर्म की श्रेष्ठता का गुण गाते एकसेएक विद्वान् आने लगे, जो दूसरे धर्मों का दोष गिनाते और…

मैं नालंदा हूँ !

*पूनम शर्मा मैं नालंदा हूँ , शेष नहीं, अवशेष रह गया! काल गति का, मैं पात्र विशेष महिमा मग्न था, अनभिज्ञ रह गया । ज्ञान कलरव, मेरा शक्तिपुंज बना, जब, सृजन,उदय,उत्कर्ष हुआ विश्व के मानस पटल पर, अब, मैं मात्र स्मृति बन,…