39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले का उपराष्ट्रपति ने किया शुभारंभ

‘लोकल से ग्लोबल’ थीम के साथ शुरू हुआ 39वां सूरजकुंड शिल्प मेला

  • उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दीप प्रज्वलन कर मेले का उद्घाटन किया
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा रहे उपस्थित
  • शिल्प मेले से जुड़ा विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च
  • 15 फरवरी तक चलेगा अंतरराष्ट्रीय शिल्प एवं सांस्कृतिक आयोजन

समग्र समाचार सेवा
फरीदाबाद | 31 जनवरी: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित सूरजकुंड परिसर एक बार फिर देश-विदेश की लोककला और शिल्प परंपराओं का केंद्र बन गया है। 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव की शुरुआत रविवार को सीपी राधाकृष्णन द्वारा की गई। इस वर्ष आयोजन की थीम ‘लोकल से ग्लोबल – आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है।

दीप प्रज्वलन से हुआ औपचारिक उद्घाटन

उपराष्ट्रपति के आगमन पर नायब सिंह सैनी ने उनका अभिनंदन किया। इसके बाद दीप प्रज्वलन कर शिल्प महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सूरजकुंड मेले से जुड़ा एक डिजिटल मोबाइल ऐप भी जनता को समर्पित किया गया।

स्थानीय परंपराओं की दिखी झलक

उद्घाटन समारोह के दौरान हरियाणा की प्रसिद्ध गोहाना जलेबी के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया, जिससे आयोजन में स्थानीय संस्कृति की मिठास भी जुड़ गई।

लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम के बाद विभिन्न राज्यों और देशों से आए कलाकारों ने लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिल्प मेला 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें पारंपरिक हस्तशिल्प, खान-पान और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।

कला और शिल्प का वैश्विक मंच

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सूरजकुंड शिल्प मेला भारतीय कारीगरों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच है। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री के विजन से जुड़ा आयोजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसके तहत स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत का अर्थ अपनी संस्कृति और परंपराओं पर विश्वास से भी जुड़ा है।

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