पटाखा बनाने वाली कंपनियों को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने बेरियम का इस्तेमाल कर पटाखे बनाने की नहीं दी इजाजत
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22सितंबर। दीवाली से पहले पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर दोहराया कि बेरियम का इस्तेमाल करके पटाखों के निर्माण और उपयोग की इजाजत नहीं दी जा सकती. इसके साथ ही अदालत ने पटाखा निर्माता कंपनियों की मांग खारिज कर दी. पटाखा निर्माता कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में बेरियम सामग्री इस्तेमाल करके पटाखों के निर्माण और उपयोग की मांग की गई थी.
कोर्ट ने साफ किया कि जॉइंट क्रेकर्स के निर्माण और इस्तेमाल की इजाज़त नहीं दी जा सकती.दिल्ली में पटाखों पर लगे बैन पर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नहीं कहा. इसका मतलब ये हुआ कि दिल्ली सरकार का पटाखों पर लगाया गया पूरी तरह से बैन( ग्रीन पटाखे भी बैन शामिल) जारी रहेगा. जिन राज्यों में पटाखों पर पूरी तरह से बैन नहीं है, वहां ग्रीन क्रैकर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.
जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच ने स्पष्ट किया कि केवल हरित पटाखों और कम उत्सर्जन वाले पटाखों को अनुमति देने वाला 2018 का आदेश जारी रहेगा. हमने अपना विचार केवल बेरियम के संबंध में अनुकूलन तक सीमित रखा है.
ये आदेश भारत में पटाखों की बिक्री, खरीद और उपयोग पर प्रतिबंध से संबंधित एक मामले में अंतरिम आवेदनों में दिया गया. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया था. अक्टूबर 2021 में, सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि बेरियम से बने पटाखों पर प्रतिबंध का उनकी वास्तविक भावना के अनुसार सख्ती से अनुपालन किया जाए. इस बात पर जोर दिया गया था कि किसी भी चूक के लिए स्थानीय अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे.
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