समग्र समाचार सेवा,
नई दिल्ली, 26 मई: देश में सोमवार, 26 मई को मौसम पूर्वानुमान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान भवन में स्वदेशी तकनीक से विकसित भारत फोरकास्ट सिस्टम (BFS) का औपचारिक उद्घाटन किया। यह प्रणाली उच्च-रिज़ॉल्यूशन ग्लोबल फोरकास्ट मॉडल (HGFM) पर आधारित है और इसे विशेष रूप से भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा उपयोग में लाया जाएगा।
6 किलोमीटर रेज़ॉल्यूशन: दोगुनी सटीकता
नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6 किलोमीटर की रेज़ॉल्यूशन क्षमता है, जो कि मौजूदा ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (GFS) की 12 किलोमीटर क्षमता की तुलना में दोगुनी अधिक सटीकता प्रदान करती है। यह प्रणाली भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) द्वारा विकसित की गई है।
तेज़ और भरोसेमंद अलर्ट
IMD के अनुसार, BFS के जरिए अब बारिश, तूफान, सर्दी या गर्मी जैसी मौसम की स्थितियों की तेज़ और सटीक भविष्यवाणी संभव होगी। परीक्षण के दौरान यह सिस्टम वर्षा पूर्वानुमान में 30% और मॉनसून पूर्वानुमान में 64% अधिक सटीक साबित हुआ है। अगले दो वर्षों में इसके रेज़ॉल्यूशन को 4 किलोमीटर तक बढ़ाने की योजना है।
सेना, नेवी और आपदा बलों को लाभ
मौसम विज्ञान के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि यह प्रणाली भारतीय सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। साथ ही, आम नागरिक भी मौसम विभाग की वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अगले 10 दिनों का पूर्वानुमान और चेतावनी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
महिला वैज्ञानिकों की अहम भूमिका
इस स्वदेशी प्रणाली के विकास में सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि इसे तैयार करने में महिला वैज्ञानिकों की टीम ने अग्रणी भूमिका निभाई है। मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस उपलब्धि को ‘मेक इन इंडिया’ के विज़न की सफलता बताते हुए कहा कि यह नारी शक्ति और विज्ञान के मेल का प्रतीक है।
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