कांग्रेस का हमला: ट्रंप के ‘संघर्षविराम’ दावे पर मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल

समग्र समाचार सेवा,

नई दिल्ली, 13 जून: कांग्रेस ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि ट्रंप भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने का दावा नौवीं बार कर चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी अब भी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो क्लिप साझा की, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप यह दावा दोहराते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने “भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया और व्यापार का हवाला देकर इसे रोका”।

रमेश ने कटाक्ष करते हुए लिखा,

“जहां पूरा देश अहमदाबाद विमान हादसे से गम में डूबा है, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप लगातार नौवीं बार भारत और पाकिस्तान को लेकर वही पुराना दावा कर रहे हैं। यह बयान उन्होंने कल वाशिंगटन डीसी के कैनेडी सेंटर में दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक इस पर मौन हैं।”

‘ऑपरेशन सिंदूर’ और संघर्षविराम की पृष्ठभूमि

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण सैन्य घटनाएं हुईं।
बीते 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 6 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पीओके और पाकिस्तान के अंदर आतंकियों के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था।

इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में तीव्र सैन्य झड़पें हुईं।
10 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस बयान में कहा था कि “भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम हो गया है,” और इसका श्रेय खुद को दिया।

हालांकि, भारत सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि कोई तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) द्वारा सीधा संपर्क कर संघर्ष रोकने की गुहार की गई थी, जिसके बाद कार्रवाई स्थगित की गई।

मोदी सरकार की चुप्पी पर विपक्ष का सवाल

कांग्रेस ने बार-बार यह मुद्दा उठाया है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार भारत-पाक संघर्ष में मध्यस्थता या हस्तक्षेप का दावा कर रहे हैं, तो सरकार को साफ-साफ जवाब देना चाहिए।

जयराम रमेश ने कहा,

“देश की संप्रभुता और विदेश नीति पर सवाल उठ रहे हैं। क्या भारत अपनी कूटनीति में अमेरिका पर निर्भर हो गया है? प्रधानमंत्री मोदी को देश को बताना चाहिए कि सच्चाई क्या है।” विपक्ष जहां मोदी सरकार से स्पष्टता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार ने इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राष्ट्रपति ट्रंप का यह दावा आने वाले समय में भारत की विदेश नीति और अमेरिका के साथ कूटनीतिक रिश्तों को लेकर बहस को और तेज कर सकता है।

 

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