ईरान-इजराइल युद्ध पर OIC की निष्क्रियता पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती, ट्रंप और पाकिस्तान पर भी किया कटाक्ष

समग्र समाचार सेवा
इस्तांबुल/श्रीनगर, 22 जून: ईरान और इजराइल के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव पर शनिवार को इस्तांबुल में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की आपात बैठक बुलाई गई। हालांकि इस बहुप्रतीक्षित बैठक में कोई निर्णायक या कड़ा कदम नहीं उठाया गया। इस पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

महबूबा ने OIC पर आरोप लगाया कि उसने ईरान पर हमले को लेकर केवल “कागजी निंदा” की और क्षेत्रीय शांति के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं अपनाई।

ट्रंप को नोबेल की सिफारिश पर पाकिस्तान को पछताना चाहिए: मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा कि “जो देश डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की सिफारिश कर रहा था, वह अब शर्मसार हो रहा होगा।” उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल मुनीर ने ट्रंप के साथ मुलाकात की थी और नोबेल की सिफारिश की थी। उसके कुछ दिन बाद ही अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया।

ट्रंप के हमले से तनाव चरम पर, भारत की चुप्पी खतरनाक: महबूबा

महबूबा मुफ्ती ने अमेरिका द्वारा ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हमले को “क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा” बताया। उन्होंने कहा कि ट्रंप की कार्रवाई ने मध्य पूर्व को वैश्विक संघर्ष के कगार पर ला खड़ा किया है। इस संदर्भ में भारत की चुप्पी को उन्होंने “निराशाजनक” बताया और कहा कि भारत हमेशा से एक नैतिक और शांतिप्रिय भूमिका निभाने वाला देश रहा है, लेकिन अब वह “हमलावरों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।”

OIC की निष्क्रियता और मुस्लिम दुनिया की खामोशी पर सवाल

महबूबा मुफ्ती ने OIC के रवैये को “दिखावटी और निष्क्रिय” करार देते हुए कहा कि इस्लामिक देशों को केवल बयान जारी करने से आगे बढ़कर ठोस नीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम दुनिया के लिए यह वक्त एकजुट होकर न्याय की मांग करने का है, न कि मौन सहमति का।

 

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