समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 27 जून: देश और दुनिया में फैले कच्छी समुदाय के लिए आषाढ़ी बीज केवल एक नववर्ष नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव होता है। इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विशेष संदेश से इस त्योहार को एक नई ऊंचाई दी।
प्रधानमंत्री का संदेश बना उत्सव की शोभा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा,
“आषाढ़ी बीज के विशेष अवसर पर, विशेष रूप से दुनिया भर के कच्छी समुदाय को शुभकामनाएँ। आने वाला साल सभी के लिए शांति, समृद्धि और अद्भुत स्वास्थ्य लेकर आए।”
Best wishes, especially to the Kutchi community all around the world, on the special occasion of Ashadhi Bij. May the year ahead bring peace, prosperity and wonderful health for everyone.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2025
प्रधानमंत्री की यह भावनात्मक अभिव्यक्ति न केवल भारत में बल्कि विदेशों में बसे कच्छी लोगों के दिल को छू गई। कई लोगों ने इस संदेश को रीपोस्ट कर प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
दुनियाभर में कच्छी समुदाय में उल्लास
कच्छी नववर्ष पर यह शुभकामना संदेश दुनियाभर के कच्छी समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। अमेरिका, यूके, अफ्रीका और खाड़ी देशों में बसे कच्छी प्रवासी अपने परंपरागत अंदाज़ में इस दिन को मनाते हैं।
प्रधानमंत्री का यह संदेश उन तक डिजिटल माध्यम से पहुँचा और लोगों ने इसे बड़े गर्व और उत्साह से स्वीकार किया। सोशल मीडिया पर #AshadhiBij और #KutchNewYear जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे
सांस्कृतिक धरोहर को मिली नई पहचान
कच्छ का यह पारंपरिक नववर्ष भारतीय सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उदाहरण है। प्रधानमंत्री के संदेश ने इस परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
कई सामाजिक संगठनों और कच्छी महासंघों ने प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं को ऐतिहासिक करार देते हुए इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइटों और मंचों पर साझा किया।
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