ब्राजील में आकाश मिसाइल डील की तैयारी, राजनाथ बोले- ऑपरेशन सिंदूर से बढ़ी स्वदेशी हथियारों की डिमांड
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील यात्रा के बीच भारत के रक्षा मोर्चे से बड़ी खबर आई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के स्वदेशी हथियारों की मांग दुनियाभर में तेज़ी से बढ़ रही है।
ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया भारत का शौर्य
सोमवार को दिल्ली में डिफेंस अकाउंट्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश ने न सिर्फ बहादुरी दिखाई, बल्कि घरेलू सैन्य तकनीक की ताकत भी दुनिया को दिखाई गई। इस प्रदर्शन के बाद भारत के आकाश एयर डिफेंस सिस्टम जैसी मिसाइलों की मांग वैश्विक मंच पर बढ़ी है। उन्होंने कहा कि हमारी स्वदेशी ताकत आज कई देशों के लिए भरोसे की गारंटी बन गई है।
ब्राजील से आकाश मिसाइल पर चर्चा
पीएम मोदी की ब्राजील यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आकाश एयर डिफेंस सिस्टम के सौदे पर अहम बातचीत होने जा रही है। पिछले साल से ब्राजील इस सिस्टम में दिलचस्पी दिखा रहा है। दरअसल, ब्राजील की सेना के पास शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम तो है, लेकिन मीडियम और लॉन्ग रेंज में कमी है। ऐसे में भारत के आकाश सिस्टम को बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
ब्राजील ने इस सौदे को लेकर चीन की स्काई ड्रैगन मिसाइल के विकल्प को भी देखा है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के प्रदर्शन ने भारत के पक्ष को मज़बूत कर दिया है।
आर्मेनिया को भी मिला आकाश सिस्टम
आकाश मिसाइल की वैश्विक साख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारत ने पिछले साल आर्मेनिया को भी आकाश सिस्टम सप्लाई किया था। इसके साथ ग्राउंड सपोर्ट उपकरण और एडवांस्ड रडार सिस्टम भी दिए गए थे। अब ब्राजील के साथ डील की संभावना भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट को नई ऊंचाई पर ले जाने वाली है।
रक्षा खर्च में पारदर्शिता पर जोर
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि रक्षा बजट देश में सबसे बड़ा है और इसे जिम्मेदारी से खर्च करना हम सबकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही सैनिकों तक जरूरी संसाधन पहुंचने में देरी करा सकती है, इसलिए बजट प्रक्रिया को पारदर्शी और सही समय पर लागू करना बेहद जरूरी है।
रक्षा मंत्री ने ‘फेसलेस ट्रांजेक्शन’ सिस्टम को बढ़ावा देने की बात कही ताकि हथियारों की खरीद में किसी तरह की देरी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न बचे।
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