संसद में 16 घंटे की बहस शुरू — पहलगाम हमला और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आगाज़

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28 जुलाई: संसद के मानसून सत्र का आज छठा दिन है और लोकसभा में विशेष पहलगाम आतंकी हमले व ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कुल 16 घंटे तक चलने वाली बहस शुरू होने वाली थी। पर जैसे ही चर्चा प्रारंभ होने को आई, विपक्ष के तीखे नारेबाजी ने माहौल गर्म कर दिया और अध्‍यक्ष ने संसद की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। अब इस बहस को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है कि इस लंबे सत्र के दौरान कौन-कौन सी लाइन ऑपोज़िशन और सरकार की तरफ से रखेगा।

विपक्ष की ओर से इस बहस की बागडोर संभालेगा कांग्रेस का वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई, जिनके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा आर-पार चर्चा बैठाएंगी। उन्हें मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, दीपेंद्र हुड्डा, परिणीत शिंदे, सप्तगिरी उलाका और बिजेंद्र एस. ओला जैसे अन्य विपक्षी नेता सपोर्ट करेंगे। इन सभी का उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार की रणनीतिक नीतियों, सुरक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर और नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करना होगा।

दूसरी ओर सरकार की टीम की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करने वाले हैं, जो ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार की कार्रवाई की व्याख्या पेश करेंगे। उनके बाद जयपांडा और तेजस्वी सूर्या क्रमशः विपक्ष के मुद्दों का जवाब देंगे। शाम ढले विदेश मंत्री एस. जयशंकर की उपस्थिति बहस को और मजबूती देगी। मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में बहस को नई दिशा दे सकते हैं। अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अहम बहस में शामिल हो सकते हैं।

यह बहस फरवरी के हमले और उसके खिलाफ भारत की सशस्त्र कार्रवाई के बारे में रणनीतिक खुलासों, सुरक्षा चिंताओं और कूटनीतिक पहलुओं को उजागर करने का मौका देगी। लगातार 16 घंटे चलने वाला यह सत्र सरकारी तंत्र की तैयारी, विपक्ष की मुखरता और संसद के लोकतांत्रिक साहस का भी परीक्षण होगा। जिस तरह विपक्ष असरदार सवालों के जरिए प्रभावित करने की कोशिश करेगा, सरकार को भी निर्णायक, स्पष्ट और संतुलित प्रतिमतियाँ देनी होंगी।

 

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