समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देशवासियों को संबोधित करेंगी।
यह पारंपरिक राष्ट्र के नाम संबोधन हर वर्ष 15 अगस्त से पहले किया जाता है, जिसमें राष्ट्रपति देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और आने वाले समय के लिए दृष्टिकोण पर प्रकाश डालती हैं।
कई भाषाओं में होगा प्रसारण
राष्ट्रपति का यह भाषण अकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन नेटवर्क के सभी चैनलों पर शाम 7 बजे प्रसारित होगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि यह संदेश हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ कई भारतीय भाषाओं में अनुवादित कर प्रसारित किया जाएगा, ताकि यह देश के हर कोने तक पहुँचे
देश की चुनौतियों और उपलब्धियों पर चर्चा की संभावना
इस संबोधन में उम्मीद है कि राष्ट्रपति मुर्मु देश के विकास, आर्थिक प्रगति, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार जैसे मुद्दों पर बात करेंगी।
साथ ही, वह राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और एकता-अखंडता पर भी संदेश दे सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह भाषण आत्मनिर्भर भारत, हरित ऊर्जा, डिजिटल इंडिया और ग्राम विकास जैसे प्रमुख सरकारी अभियानों पर भी केंद्रित हो सकता है।
आजादी का 79वां वर्ष
इस वर्ष भारत स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे कर रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री लाल किले से तिरंगा फहराते हुए देश को संबोधित करेंगे, लेकिन उससे पहले राष्ट्रपति का यह संदेश आगामी वर्ष के लिए एक मार्गदर्शन के रूप में देखा जाता है।
महिला राष्ट्रपति का दूसरा स्वतंत्रता दिवस संबोधन
राष्ट्रपति मुर्मु का यह दूसरा स्वतंत्रता दिवस संबोधन होगा।
उन्होंने पिछले वर्ष अपने संदेश में गरीबों के कल्याण, शिक्षा सुधार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
इस बार, विशेषज्ञों को उम्मीद है कि वह ग्रामीण विकास, युवा रोजगार और पर्यावरणीय संतुलन जैसे विषयों को प्रमुखता देंगी
ऐतिहासिक महत्व
राष्ट्रपति का स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भाषण भारतीय लोकतंत्र की परंपरा का एक अहम हिस्सा है।
यह संदेश न केवल सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को उजागर करता है, बल्कि नागरिकों को देश निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए प्रेरित भी करता है।
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