राहुल गांधी की विवादित टिप्पणी पर बवाल: पटना में FIR दर्ज, BJP-कांग्रेस आमने-सामने

समग्र समाचार सेवा
पटना, 29 अगस्त: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। पटना के कोतवाली थाने में भाजपा नेता विजय सिन्हा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने चुनावी मंच से प्रधानमंत्री के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली टिप्पणी की, जिससे न केवल राजनीतिक गरिमा आहत हुई बल्कि जनता के बीच गलत संदेश गया।

भाजपा का तीखा हमला

बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा:

“राहुल गांधी ने जिस तरह का बयान दिया है, वह न केवल प्रधानमंत्री मोदी का अपमान है बल्कि लोकतंत्र का भी अपमान है। कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए।”

पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह राजनीति ‘घृणा और झूठ’ पर आधारित है और जनता ऐसे बयानों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

कांग्रेस का पलटवार

दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना बताया है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा:

“राहुल गांधी ने केवल जनता की आवाज़ उठाई है। भाजपा को आलोचना सुनने की आदत डालनी चाहिए। FIR दर्ज कराना लोकतांत्रिक असहमति को दबाने की कोशिश है।”

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी ट्वीट कर कहा कि भाजपा राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है, इसलिए बेबुनियाद मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

जेडीयू और आरजेडी की प्रतिक्रिया

सत्ता गठबंधन के सहयोगी दल भी इस विवाद में कूद पड़े हैं।

  • जेडीयू नेता संजय झा ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी की बातों को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है ताकि असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।
  • आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, और भाजपा को इसे व्यक्तिगत अपमान बताने की आदत छोड़नी चाहिए।

राजनीति में गरमाया माहौल

पटना पुलिस ने पुष्टि की है कि भाजपा नेताओं की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं, कांग्रेस ने साफ कहा है कि वह इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और राहुल गांधी अपने कार्यक्रम जारी रखेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार चुनाव 2025 से पहले यह विवाद एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है। भाजपा इसे कांग्रेस के खिलाफ प्रचार में इस्तेमाल करेगी, जबकि कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बताकर जनता को साधने की कोशिश करेगी।

राहुल गांधी की टिप्पणी पर उठे बवाल ने बिहार की राजनीति को और गरमा दिया है। भाजपा इसे प्रधानमंत्री का अपमान बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकार मान रही है। अब देखना यह होगा कि एफआईआर के बाद कानूनी लड़ाई किस दिशा में जाती है और इसका असर आगामी चुनावी समीकरणों पर कितना पड़ता है।

 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.