परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं, सिर्फ इंटरेस्ट”— अमेरिकी टैरिफ विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 अगस्त: अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लागू किए जाने के बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति में कोई स्थायी मित्र या दुश्मन नहीं होता, केवल स्थायी हित (Permanent Interest) होता है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत-चीन संबंधों में कुछ नरमी आई है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत
राजनाथ सिंह ने एक डिफेंस समिट में कहा कि स्वदेशी टेक्नोलॉजी में भारत ने बड़ी प्रगति की है।
- INS हिमगिरि और INS उदयगिरि जैसे युद्धपोत अब पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए हैं।
- नौसेना ने यह संकल्प लिया है कि अब भारत किसी अन्य देश से युद्धपोत नहीं खरीदेगा, बल्कि घरेलू स्तर पर ही निर्माण करेगा।
रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भर भारत अब केवल नारा नहीं, बल्कि मजबूरी है। अस्थिर जियो-पॉलिटिक्स ने दिखा दिया है कि रक्षा क्षेत्र में बाहरी निर्भरता भारत के लिए टिकाऊ विकल्प नहीं है।
राष्ट्रीय हित सर्वोपरि
अमेरिकी टैरिफ का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा,
“वैश्विक स्तर पर फिलहाल व्यापार युद्ध जैसी स्थिति है। विकसित देश संरक्षणवाद की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों से कभी समझौता नहीं करेगा।”
उन्होंने बताया कि भारत का स्वदेशी डिफेंस सिस्टम “सुदर्शन चक्र” अब जल्द ही वास्तविकता बनने वाला है, जो भारत की सामरिक ताकत को और मजबूत करेगा।
भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में बड़ी छलांग
2014 में भारत का रक्षा निर्यात जहां केवल 700 करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेनाओं ने स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल करते हुए सटीक हमले किए। इससे यह साबित हुआ कि भारत अब रक्षा तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर और सक्षम हो चुका है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह एक खिलाड़ी वर्षों की मेहनत के बाद केवल कुछ सेकंड में दौड़ जीतता है, उसी प्रकार भारतीय सेना ने भी वर्षों की तैयारी और स्वदेशी उपकरणों के दम पर दुश्मन के ठिकानों को तबाह किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान यह स्पष्ट करता है कि भारत बदलती जियो-पॉलिटिकल परिस्थितियों में अपनी रणनीति राष्ट्रीय हित और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित कर रहा है। अमेरिकी टैरिफ से उपजे तनाव के बावजूद भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
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