समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 6 सितंबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग के विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य की जनता को नई परिवहन सुविधाओं का बड़ा तोहफा दिया।
सीएम योगी ने ग्रामीण जनता सेवा की घोषणा की, जिसके तहत लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में 250 नई बसें चलेंगी। हर डिपो की दस फीसदी फ्लीट ग्रामीण सेवा के लिए समर्पित होगी। ये बसें 75 से 80 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों तक संचालित होंगी और इनका किराया भी 20 प्रतिशत कम रखा जाएगा।
आरटीओ सेवाएं अब जन सुविधा केंद्रों पर
मुख्यमंत्री ने आरटीओ कार्यालय से जुड़ी 48 सेवाओं को अब प्रदेश भर के 1.50 लाख जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराने की घोषणा की। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को परिवहन विभाग से जुड़े कामों में आसानी होगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणियों की इलेक्ट्रिक, सीएनजी और डीजल बसों का भी शुभारंभ किया। इसमें 8 डबल डेकर इलेक्ट्रिक एसी बसें, 16 इलेक्ट्रिक बसें, 10 सीएनजी बसें, 20 टाटा बसें और 43 आयशर बसें शामिल हैं। साथ ही, 400 बीएस-6 बसों और 11 इंटरसेप्टर वाहनों को भी हरी झंडी दिखाई गई।
परिवहन मंत्री पर हल्का-फुल्का तंज
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह पर मजाकिया अंदाज़ में तंज कसते हुए कहा – “आज तो मंत्री जी जल्दी आ गए। हमें लगा था कि वह 12 बजे तक पहुंचेंगे, लेकिन आज तो पहले ही आ गए। यह इस बात का सबूत है कि परिवहन विभाग बदल रहा है।”
उन्होंने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि “फाइल लटकाने की आदत को छोड़ना होगा और समय की पाबंदी सुनिश्चित करनी होगी।”
कुंभ और कोरोना काल का जिक्र
योगी ने अपने संबोधन में परिवहन विभाग की उपलब्धियों को भी गिनाया। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में उत्तर प्रदेश ने न सिर्फ अपने बल्कि उत्तराखंड के प्रवासी लोगों को भी सुरक्षित घर पहुंचाने का काम किया। वहीं, महाकुंभ के दौरान 45 दिनों तक लगातार परिवहन सेवाएं देकर श्रद्धालुओं को सुविधा दी गई।
सड़क सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि परिवहन निगम को इस पर गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि बस चालकों की हर तीन महीने में मेडिकल फिटनेस जांच होनी चाहिए।
योगी ने कहा कि “नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान” जैसे प्रयास सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने में सहायक होंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह कदम ग्रामीण जनता, छात्रों और यात्रियों के लिए राहत की सौगात माना जा रहा है। नई बसों के साथ-साथ डिजिटल आरटीओ सेवाओं का विस्तार राज्य के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाला है। सड़क सुरक्षा पर दिए गए निर्देश यह दर्शाते हैं कि सरकार केवल सुविधाएं देने तक ही सीमित नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के प्रति भी गंभीर है।
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