बिहार विधानसभा चुनाव 2025: महिलाओं के वोट पर सियासी जंग तेज, प्रियंका गांधी और नीतीश कुमार ने खेली अहम भूमिका
समग्र समाचार सेवा
पटना,11 सितंबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नज़दीक आते ही राज्य की सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टियों ने अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है और हर कोई महिलाओं के साइलेंट वोट को हासिल करने की रणनीति पर जोर दे रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए पहले ही कई बड़े ऐलान कर चुके हैं, जबकि कांग्रेस अपनी ओर से प्रियंका गांधी को प्रचार में शामिल करके महिलाओं के मतदाताओं को अपने पाले में करने की तैयारी कर रही है।
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस बिहार चुनाव प्रचार में प्रियंका गांधी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष योजना बना रही है। पार्टी उनके लिए बड़े पैमाने पर रैलियों का आयोजन करने जा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर ने बताया कि वोटर अधिकार यात्रा में प्रियंका गांधी की उपस्थिति ने युवा और महिला मतदाताओं को उत्साहित किया है। उनका कहना है कि लोग उनमें स्वर्गीय इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व देखते हैं और उनके भाषण सुनने और उन्हें देखने के लिए उत्सुक रहते हैं।
जानकारों के अनुसार, कांग्रेस प्रियंका गांधी को चुनाव प्रचार में शामिल करने के लिए मजबूर है, क्योंकि हाल के चुनावों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में 243 सीटों में से 167 सीटों पर महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा थी। इस बदलाव की शुरुआत 2010 में हुई थी और तब से यह रुझान लगातार बढ़ रहा है।
महिलाओं को लुभाने के लिए कांग्रेस ने “माई बहन मान योजना” के तहत सत्ता में आने पर हर महीने 2,500 रुपये सीधे महिलाओं के बैंक खातों में जमा कराने का वादा किया है। साथ ही जुलाई में 5 लाख महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित करने की योजना की घोषणा की गई। कांग्रेस का मानना है कि ये पहल महिलाओं को पार्टी के पाले में लाने में मदद करेंगी।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी महिलाओं को अपना मजबूत राजनीतिक आधार बनाने में पीछे नहीं हैं। नवंबर 2005 से सत्ता संभालते हुए उन्होंने सामाजिक कल्याण, शिक्षा, शराबबंदी और आरक्षण के जरिए महिलाओं को बिहार की राजनीतिक कहानी का केंद्र बनाया है। इस बार भी उनकी रणनीति में महिलाओं को मुख्य स्थान दिया गया है।
नीतीश कुमार ने ग्रामीण और शहरों की महिलाओं के लिए सात बड़े ऐलान किए हैं। इसमें जीविका कार्यकर्ताओं का मानदेय दोगुना करना, कन्या विवाह मंडप योजना के तहत सहायता राशि बढ़ाना, आशा और आंगनवाड़ी वर्कर्स के मानदेय में वृद्धि, महिला स्वरोजगार योजनाओं का डिजिटल सपोर्ट और स्कूल रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी शामिल हैं। इसके साथ ही पंचायतों और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण पहले ही लागू कर दिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि 2025 के विधानसभा चुनावों में महिला मतदाता ही निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। इस सियासी जंग में कांग्रेस और एनडीए दोनों ही अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं।
Comments are closed.