समग्र समाचार सेवा
लेह, 27 सितंबर: पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर लद्दाख के लेह में भड़की हिंसा ने हालात को बिगाड़ दिया। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। शुक्रवार को लद्दाख के जाने-माने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया।
सरकार का आरोप है कि लेह में हुई हिंसा के लिए वांगचुक जिम्मेदार हैं। हालांकि, विपक्ष ने इस गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
पांच दिन बाद लौटी आंशिक शांति
करीब पांच दिनों तक तनाव झेलने के बाद लेह में हालात धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे हैं। लोग अब अपने घरों से निकलकर रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहे हैं। फिर भी, लेह में बीएनएसएस, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी है। जिले में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है, जहां पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। बिना अनुमति के जुलूस, रैली या मार्च निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
स्थानीय लोगों की परेशानियां
लेह के स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा,
“हमें पांच दिनों बाद दूध मिल रहा है। मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि कम से कम रोजाना एक घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी जाए ताकि हम खाने-पीने का सामान खरीद सकें। मैं यहां किराए पर रहता हूं और काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।”
#WATCH | Leh, Ladakh | Rajendra Singh, a local, says, "We are getting milk after five days. I request the government to provide a relaxation in the curfew for an hour every day so that we can buy food. I am living here on rent…" https://t.co/JUaftixM5g pic.twitter.com/UCuWjtweuk
— ANI (@ANI) September 27, 2025
गिरफ्तारी से पहले वांगचुक का बयान
गिरफ्तारी से पहले सोनम वांगचुक ने एएनआई से कहा था कि हिंसा का पूरा दोष उन पर डाल दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत मामला तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत उन्हें बिना मुकदमे या जमानत के दो साल तक जेल में रखा जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा,
“मुझे कभी भी गिरफ्तार होने में खुशी होगी क्योंकि इससे लोग ज्यादा जागरूक होंगे। लोग देखेंगे कि देश का गौरव बढ़ाने वाला व्यक्ति जेल में है और समझेंगे कि देश कैसे चलता है। शायद यह देश सेवा की मेरी आखिरी श्रृंखला होगी।”
विपक्ष का केंद्र पर हमला
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने सरकार को घेर लिया है।
- कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र ने लद्दाख की स्थिति को गलत तरीके से संभाला है।
- आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस गिरफ्तारी को “चरम तानाशाही” करार दिया।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि वांगचुक की गिरफ्तारी आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बन सकती है।
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