समग्र समाचार सेवा
लेह, 27 सितंबर: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका के चार देशों की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वे कई राष्ट्रपतियों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वे ब्राजील और कोलंबिया में विश्वविद्यालयों के छात्रों से संवाद करेंगे और व्यापारिक समुदाय के साथ भी चर्चा करेंगे।
बीजेपी का हमला: “विदेशी हस्तक्षेप की तलाश?”
राहुल गांधी की इस विदेश यात्रा को लेकर बीजेपी ने तीखी आलोचना की है। पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सवाल उठाया कि बंद दरवाजों के पीछे राहुल गांधी किन भारत-विरोधी ताकतों से मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले भी विदेशी हस्तक्षेप की मांग कर चुके हैं और उनके कुछ खालिस्तानी तत्वों और विदेशियों से संपर्क रहे हैं।
भंडारी ने यह भी कहा कि इस यात्रा का समय संदेहास्पद है, क्योंकि यह दौरा ठीक उस समय हो रहा है जब लद्दाख में हालिया हिंसा के बाद सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी वैश्विक मंच पर भारतीय लोकतंत्र और राज्य के खिलाफ रणनीति बना सकते हैं।
Rahul Gandhi goes on yet another foreign visit!
Rahul Gandhi departs to South America!
Wonder who will be the next anti-India element that Rahul will meet behind closed doors!
Rahul wants to fight the Indian state and Indian democracy!
He is building a global alliance for it.… pic.twitter.com/tti3v2qQ3U
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) September 27, 2025
कांग्रेस की सफाई: “शैक्षिक और सहयोगात्मक यात्रा”
बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से पवन खेड़ा ने जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी की यह यात्रा पूरी तरह शैक्षिक, आर्थिक और सहयोगात्मक है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी का कार्यक्रम विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ संवाद, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक अवसरों पर चर्चा और कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ मुलाकातों पर केंद्रित है।
खेड़ा ने कहा,
“राहुल गांधी का यह दौरा भारत की युवाशक्ति और वैश्विक मंच पर भारत की सकारात्मक छवि को मजबूत करने का अवसर है। इसे राजनीति से जोड़कर देखना बीजेपी की आदत बन गई है।”
लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष, श्री राहुल गांधी, दक्षिण अमेरिका के चार देशों की यात्रा पर हैं। वहाँ वे राजनैतिक नेताओं, विश्विद्यालयों के छात्रों एवं उद्योग व व्यापार जगत के सदस्यों से संवाद करेंगे।
— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) September 27, 2025
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विदेश दौरे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भारत की वैश्विक साख को मजबूत करने में मददगार हो सकते हैं। छात्र समुदाय और व्यापारिक जगत के साथ जुड़ाव से सांस्कृतिक और आर्थिक समझ को बढ़ावा मिलता है। वहीं, विपक्षी आरोपों से इस दौरे को राजनीतिक बहस का हिस्सा जरूर बनाया जा सकता है।
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