उपराष्ट्रपति को आवासन एवं शहरी कार्य और विद्युत मंत्रालयों की प्रमुख पहलों से अवगत कराया गया

दोनों मंत्रालयों ने शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा और नागरिक-केंद्रित योजनाओं में हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी दी

  • संसद भवन में उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति श्री सी.पी. राधाकृष्णन से मंत्रीगण की मुलाकात
  • पीएमएवाई-यू, स्मार्ट सिटी मिशन, स्वच्छ भारत-शहरी और एएमआरयूटी की प्रगति पर प्रस्तुति
  • विद्युत क्षेत्र में उत्पादन क्षमता वृद्धि, ग्रिड आधुनिकीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण पर चर्चा
  • उपराष्ट्रपति ने टिकाऊ शहरी विकास एवं ऊर्जा सुरक्षा को ‘विकसित भारत’ का प्रमुख आधार बताया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 नवंबर: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल तथा आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज संसद भवन में उपराष्ट्रपति एवं राज्य सभा के सभापति श्री सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की।
बैठक के दौरान, उपराष्ट्रपति को भारत के शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और देश भर में विश्वसनीय, सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में दोनों मंत्रालयों की प्रमुख पहलों, नीतिगत क्रियाकलापों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई।

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने उपराष्ट्रपति को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू), स्मार्ट सिटी मिशन, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी और अटल कायाकल्प एवं शहरी परिवर्तन मिशन (एएमआरयूटी) जैसे प्रमुख मिशनों के तहत हुई महत्वपूर्ण प्रगति से अवगत कराया, जिनका उद्देश्य किफायती आवास उपलब्ध कराना, शहरी सेवाओं का उन्नयन करना और टिकाऊ एवं उपयुक्त शहरी स्थानों को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय ने शहरी आवागमन, मेट्रो रेल विस्तार, अपशिष्ट प्रबंधन, जल आपूर्ति प्रणाली और हरित शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में परिवर्तनकारी प्रयासों पर प्रकाश डाला।

विद्युत मंत्रालय ने भारत के विद्युत क्षेत्र के सशक्त विकास का अवलोकन प्रस्तुत किया, जिसमें उत्पादन क्षमता का विस्तार, ग्रिड प्रणालियों का आधुनिकीकरण तथा वितरण दक्षता में सुधार और डिस्कॉम के वित्तीय स्थायित्व के उद्देश्य से किए गए सुधार शामिल हैं।

मंत्रालय ने नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, ऊर्जा भंडारण प्रणालियों और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के माध्यम से उन्नत ऊर्जा दक्षता उपायों में भारत की प्रगति को दर्शाया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र, दोनों ही भारत की आर्थिक वृद्धि की रीढ़ हैं। उन्होंने स्वच्छ, हरित और अधिक समावेशी शहर बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को पूरा करने वाले जन-केंद्रित शहरी विकास के महत्व पर जोर दिया।

उपराष्ट्रपति ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं का समर्थन करने के लिए किए जा रहे दृढ़ प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टिकाऊ, सुनियोजित शहर और विश्वसनीय, किफायती बिजली, विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए आवश्यक स्तंभ हैं।

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