किराया बढ़ोतरी के बाद रेलवे शेयरों में तेज़ उछाल

किराया बढ़ोतरी की घोषणा के बाद रेलवे शेयरों में 2% से 20% तक की तेजी दर्ज की गई।
नया किराया ढांचा 26 दिसंबर 2025 से लागू होगा, 215 किमी तक की यात्राएँ  अप्रभावित रहेंगी।
रेलवे को किराया वृद्धि से सालाना करीब ₹600 करोड़ अतिरिक्त आय की उम्मीद।
विश्लेषकों के अनुसार दीर्घकालिक मजबूती इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और ऑर्डर बुक पर निर्भर करेगी।

समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 23 दिसंबर : भारतीय रेलवे द्वारा यात्री किराया बढ़ाने की घोषणा के बाद शेयर बाजार में रेलवे और उससे जुड़े स्टॉक्स में सोमवार को ज़ोरदार तेजी देखने को मिली। इंट्राडे कारोबार के दौरान अधिकांश रेलवे शेयर हरे निशान में रहे और कई शेयरों में 2 प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।

यह तेजी उस समय देखने को मिली जब रेलवे ने 26 दिसंबर 2025 से नया किराया ढांचा लागू करने की जानकारी दी। रेलवे का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत, मानव संसाधन खर्च और सेवा गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किराया संशोधन आवश्यक हो गया था।

नए किराया ढांचे की प्रमुख बातें

रेलवे द्वारा घोषित नए ढांचे के तहत 215 किलोमीटर तक की साधारण श्रेणी की यात्राएं पूरी तरह अप्रभावित रहेंगी। हालांकि, इससे अधिक दूरी तय करने वाले यात्रियों को मामूली अतिरिक्त भुगतान करना होगा। 500 किलोमीटर तक की यात्रा पर एसी और नॉन-एसी दोनों श्रेणियों में ₹10 की अतिरिक्त राशि ली जाएगी।

लंबी दूरी की यात्राओं के लिए साधारण श्रेणी में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। रेलवे के अनुसार, इस कदम से सालाना आय में लगभग ₹600 करोड़ की बढ़ोतरी का अनुमान है।

रेलवे शेयरों में खरीदारी का माहौल

किराया वृद्धि की खबर के बाद रेलवे सेक्टर से जुड़े शेयरों में तेज़ खरीदारी देखने को मिली। ज्यूपिटर वैगन्स, टिटागढ़ रेल सिस्टम्स, रेलटेल, आईआरसीटीसी, आरवीएनएल और राइट्स जैसे स्टॉक्स प्रमुख रूप से बढ़त में रहे।

ज्यूपिटर वैगन्स के शेयरों में 20 प्रतिशत की तेज़ी दर्ज की गई और यह अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी के प्रमोटर टाट्रावागोंका एएस द्वारा 0.55 प्रतिशत हिस्सेदारी, यानी 28.72 लाख शेयर, लगभग ₹135 करोड़ में खरीदे जाने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। हालांकि, इसके बावजूद यह शेयर अब भी वर्ष 2025 में अब तक 38.5 प्रतिशत गिरा हुआ है और अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर से करीब 43 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।

दीर्घकालिक तस्वीर पर विश्लेषकों की राय

आईआरसीटीसी और बीईएमएल जैसे शेयरों में भी सोमवार को मजबूती दिखी, लेकिन ये दोनों स्टॉक्स अभी भी अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर से काफी नीचे बने हुए हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि किराया बढ़ोतरी ने रेलवे शेयरों को अल्पकालिक सहारा दिया है, लेकिन सेक्टर की दीर्घकालिक मजबूती ऑर्डर फ्लो, मार्जिन सुधार और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में निरंतर निवेश पर निर्भर करेगी।

संवैधानिक रूप से सार्वजनिक परिवहन को टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी के तहत रेलवे का यह कदम आर्थिक संतुलन की दिशा में एक आवश्यक निर्णय माना जा रहा है।

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