प्रधानमंत्री ने दिल्ली में मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की
प्रधानमंत्री ने कहा—‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार भारत युवाओं की ताकत से वैश्विक उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है
-
मेड इन इंडिया’ को वैश्विक उत्कृष्टता और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रतीक बनाने पर जोर
-
घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 100 उत्पादों की पहचान का सुझाव
-
राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन को राज्यों की शीर्ष प्राथमिकता बनाने का आह्वान
-
पर्यटन, खेल, उच्च शिक्षा और कौशल विकास से युवाओं के लिए आजीविका पर फोकस
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह सम्मेलन सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने और विकसित भारत के विज़न को हासिल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 26 से 28 दिसंबर तक पूसा, दिल्ली में आयोजित हुआ।
मानव पूंजी ही विकास की असली ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्ञान, कौशल, स्वास्थ्य और क्षमताओं से बनी मानव पूंजी आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति का मूल आधार है। उन्होंने ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’ को सम्मेलन की केंद्रीय थीम बताते हुए पूरे सरकार के समन्वित दृष्टिकोण पर बल दिया।
जनसांख्यिकी से भारत को ऐतिहासिक अवसर
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कामकाजी उम्र वर्ग में है। यह जनसांख्यिकीय लाभ भारत को विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में तेज़ी से आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत युवाओं की शक्ति से संचालित ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है।
गुणवत्ता और उत्कृष्टता ही विकसित भारत की पहचान
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ औसत नतीजों से आगे बढ़ना है। शासन, सेवा वितरण और विनिर्माण में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ टैग को वैश्विक उत्कृष्टता और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रतीक बनना चाहिए।
![]()
आत्मनिर्भर भारत और घरेलू विनिर्माण पर फोकस
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और ‘ज़ीरो इफेक्ट, ज़ीरो डिफेक्ट’ की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू विनिर्माण हेतु 100 उत्पादों की पहचान करने का सुझाव दिया और राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन को हर राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।
पर्यटन, खेल और कौशल से युवाओं को अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन युवाओं की आजीविका में बड़ी भूमिका निभा सकता है। राज्यों से कम से कम एक वैश्विक स्तर का पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए रोडमैप बनाने को कहा। साथ ही, 2036 ओलंपिक की तैयारी, खेल बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों में दीर्घकालिक निवेश पर जोर दिया।
कृषि, एआई और डिजिटल ज्ञान की दिशा
प्रधानमंत्री ने भारत को दुनिया की फूड बास्केट बनाने के लिए हाई वैल्यू कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए ‘ज्ञान भारतम मिशन’, शासन में एआई के उपयोग और साइबर सुरक्षा पर भी जोर दिया।
10 साल की कार्ययोजना बनाने का निर्देश
अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सम्मेलन की चर्चाओं के आधार पर 10 साल की कार्ययोजना बनानी चाहिए, जिसमें 1, 2, 5 और 10 साल के स्पष्ट लक्ष्य तय हों, ताकि विकसित भारत का विज़न जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदले।

Comments are closed.