असम की कला, संस्कृति और भाषा के लिए घुसपैठिए सबसे बड़ा खतरा: अमित शाह

गुवाहाटी में ज्योति–बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर के उद्घाटन पर बोले गृह मंत्री, असम दु:स्वप्न जैसे दौर से निकलकर विकास की राह पर

समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी |30 दिसंबर:केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में ज्योति–बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर का उद्घाटन करते हुए कहा कि घुसपैठिए असम की कला, संस्कृति, संगीत और भाषा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर पहले घुसपैठियों ने कब्जा कर लिया था, उसी 162 एकड़ भूमि को मुक्त कर महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव जी का स्मारक बनाना असम की सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ऐतिहासिक उपलब्धि है।

अमित शाह ने ₹291 करोड़ की लागत से बने श्री ज्योति–बिष्णु सभागार का उद्घाटन किया, जिसकी बैठने की क्षमता 5,000 लोगों की है। उन्होंने कहा कि महान कलाकार और साहित्यकार ज्योतिप्रसाद अग्रवाला और बिष्णुप्रसाद राभा की स्मृति में बना यह सभागार असम के सांस्कृतिक और विकासात्मक भविष्य का प्रतीक है।

गृह मंत्री ने कहा कि असम एक लंबे दु:स्वप्न जैसे दौर से बाहर निकला है। एक दशक पहले राज्य बम धमाकों, हिंसा, गोलीबारी और बंद की राजनीति से जूझ रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 वर्षों के शासन में असम शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ा है।

उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में, खासकर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के कार्यकाल के दौरान, 1 लाख 29 हजार बीघा जमीन को घुसपैठियों से मुक्त कराया गया है। शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन दलों को आज असम की संस्कृति की चिंता हो रही है, उन्होंने ही वोटबैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को बसाने का रास्ता खोला था।

अमित शाह ने दो टूक कहा कि घुसपैठियों के रहते असम की भाषा, संगीत और संस्कृति जीवित नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में सरकार असम से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर करेगी, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने सभी हिंसक संगठनों से समझौते कर राज्य में शांति स्थापित की है, जिसके परिणामस्वरूप 10 हजार से अधिक युवा हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे हैं। आज असम में बड़े उद्योग लग रहे हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है और काजीरंगा देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है।

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने ₹111 करोड़ की लागत से बने अत्याधुनिक पुलिस आयुक्त कार्यालय और ₹178 करोड़ के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी लोकार्पण किया। साथ ही तीन नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जो न्याय व्यवस्था को और तेज व प्रभावी बनाएंगे।

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