वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी, 18,000 वर्ग मीटर की एग्जीबिशन का किया उद्घाटन
कच्छ–सौराष्ट्र की ताकत दुनिया के सामने, वाइब्रेंट गुजरात प्रदर्शनी का शुभारंभ
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प्रधानमंत्री ने 18,000 वर्ग मीटर में फैली पाँच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
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कच्छ और सौराष्ट्र की औद्योगिक व समुद्री क्षमता पर विशेष फोकस
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स्वदेशी, कारीगर और लघु उद्योगों को मंच देने पर जोर
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प्रदर्शनी 15 जनवरी तक आम जनता के लिए खुली
समग्र समाचार सेवा
राजकोट | 12 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजकोट स्थित मारवाड़ी विश्वविद्यालय से ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस: कच्छ एवं सौराष्ट्र’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सामर्थ्य को राष्ट्रीय संकल्प से जोड़कर ही विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री एवं गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी तथा मुख्य सचिव एम के दास सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विशाल प्रदर्शनी का अवलोकन
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने 18,000 वर्ग मीटर में फैली प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने उद्यम उत्कृष्टता मंडप में देश की अग्रणी औद्योगिक इकाइयों द्वारा आर्थिक विकास में दिए जा रहे योगदान को देखा और गुजरात की औद्योगिक मजबूती की सराहना की।
समुद्री अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर
‘अवसरों का महासागर’ मंडप में कच्छ और सौराष्ट्र के समुद्री तटों से जुड़ी संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया। यहां समुद्री व्यापार, ऊर्जा और पर्यावरण संतुलन से जुड़े नवाचारों ने प्रधानमंत्री का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
स्वदेशी और कारीगरों को मंच
‘हर घर स्वदेशी’ की भावना के साथ लगाए गए लघु एवं मध्यम उद्योग मंडप में ग्रामीण कारीगरों की हस्तकला और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए। प्रधानमंत्री ने कारीगरों के प्रयासों की सराहना करते हुए आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार भी दर्ज किए।
15 जनवरी तक खुली प्रदर्शनी
यह प्रदर्शनी 15 जनवरी तक विद्यार्थियों, उद्यमियों और आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने में सहायक बनेगी।
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