पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के लिए सुप्रीम कोर्ट आदेश का सख्त पालन जरूरी

राज्य सरकार को पंचायत भवन, ब्लॉक और सार्वजनिक स्थलों पर सुनवाई और दस्तावेज़ निपटान के लिए स्टाफ और सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश

  • सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोगों पर अनावश्यक दबाव न डालने पर जोर दिया।
  • दस्तावेज़ संग्रह और आपत्तियों की सुनवाई ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय और वार्ड कार्यालयों में होगी।
  • जिला प्रशासन और पुलिस को पर्याप्त स्टाफ और सुरक्षा तैनात करने के आदेश।
  • 1.25–1.36 करोड़ लोगों की आपत्तियों और दस्तावेज़ का सुचारू निपटान सुनिश्चित करना।

 

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22 जनवरी: निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के लिए 19 जनवरी 2026 के सुप्रीम कोर्ट आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं। यह आदेश रिट याचिका (सिविल) संख्या 1089/2025 में पारित हुआ था। कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं पर अनावश्यक तनाव से बचने पर जोर दिया।

दस्तावेज़ और आपत्तियों की सुनवाई

एसआईआर से जुड़े दस्तावेज़ और आपत्तियों की सुनवाई ग्राम पंचायत भवनों, तालुका स्तर के सार्वजनिक स्थलों, ब्लॉक कार्यालयों और शहरी वार्ड कार्यालयों में की जाएगी।

प्रशासन और सुरक्षा की जिम्मेदारी

राज्य सरकार को निर्देश हैं कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पर्याप्त स्टाफ तैनात करें ताकि 1.25–1.36 करोड़ लोगों की आपत्तियों और दस्तावेज़ का सही तरीके से निपटान हो। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी पर्याप्त सुरक्षा बल और कर्मचारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस आयुक्त और जिले के पुलिस अधीक्षक सुनवाई स्थलों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त हिदायत पाए हैं। किसी भी अधिकारी की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पारदर्शिता और सुविधा

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि नाम सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएँ, अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से दस्तावेज़ जमा करने की अनुमति हो, और क्लास 10 एडमिट कार्ड को वैध पहचान के रूप में स्वीकार किया जाए।

एसआईआर का महत्व

पश्चिम बंगाल में यह एसआईआर अभियान 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य मतदाता सूची में शामिल हों और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू तरीके से हो।

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