77वें गणतंत्र दिवस पर ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स ने राष्ट्रपति मुर्मु को भेजी शुभकामनाएँ
वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत की भूमिका अहम, किंग चार्ल्स ने की सराहना
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किंग चार्ल्स तृतीय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर गणतंत्र दिवस की बधाई दी
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भारत-ब्रिटेन के रिश्तों को साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित बताया
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जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा में भारत की वैश्विक भूमिका की सराहना
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शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर दुनिया के लिए सहयोग पर दिया ज़ोर
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 26 जनवरी: ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर भारत सरकार और देशवासियों को अपनी और महारानी कैमिला की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच मज़बूत, स्थायी और भरोसेमंद संबंधों को रेखांकित किया।
साझा मूल्यों से बनी मजबूत साझेदारी
किंग चार्ल्स ने अपने पत्र में कहा कि भारत और ब्रिटेन की साझेदारी केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि साझा मूल्यों, आपसी सम्मान और लंबे समय से चले आ रहे विश्वास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध राष्ट्रमंडल की भावना को मज़बूती देते हैं।
राष्ट्रमंडल की विविधता और युवाओं की ऊर्जा
राजा चार्ल्स ने राष्ट्रमंडल देशों की विविधता और युवा पीढ़ी की ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि यह निरंतर आशा और विकास को आगे बढ़ाती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के समय में सामूहिक शक्ति और एकता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।
जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा में भारत की भूमिका
किंग चार्ल्स ने स्वच्छ ऊर्जा पहलों, जलवायु वित्त और हरित विकास के क्षेत्रों में भारत-ब्रिटेन सहयोग को और गहरा करने की इच्छा जताई। उन्होंने आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन जैसे प्रयासों के माध्यम से भारत की अंतरराष्ट्रीय जलवायु नेतृत्व क्षमता की खुलकर प्रशंसा की।
शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य की कामना
अपने संदेश के अंत में किंग चार्ल्स ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक सशक्त और भरोसेमंद आवाज़ है। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु और भारत के सभी नागरिकों को आने वाले शांतिपूर्ण, सुरक्षित और खुशहाल वर्ष के लिए शुभकामनाएँ दीं।
उल्लेखनीय है कि भारत 1950 में संविधान को औपचारिक रूप से अपनाए जाने की स्मृति में 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह अवसर न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
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