केंद्रीय बजट 2026-27 : स्वास्थ्य मंत्रालय को 1.06 लाख करोड़, 12 वर्षों में 194% वृद्धि

बजट 2026-27: स्वास्थ्य ढांचे, शोध और आपात सेवाओं को मजबूती

  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को 1,06,530.42 करोड़ रुपए का आवंटन
  • पीएम-एबीएचआईएम में 67.66% वृद्धि, क्रिटिकल केयर और लैब नेटवर्क को बढ़ावा
  • पीएमएसएसवाई, एनएचएम और पीएम-जेएवाई के बजट में इजाफा
  • ‘बायो फार्मा शक्ति’ के तहत 10,000 करोड़ की नई राष्ट्रीय पहल

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 02 फरवरी: केंद्रीय बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए 1,06,530.42 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। बजट संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया।

12 वर्षों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

सरकार के अनुसार 2014-15 की तुलना में स्वास्थ्य बजट में कुल 194 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस अवधि में स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त 70,349.75 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया है, जो सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और समावेशी विकास के लक्ष्य को दर्शाता है।

पीएम-एबीएचआईएम और अस्पताल ढांचा

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) का आवंटन 67.66 प्रतिशत बढ़ाकर 4,770 करोड़ रुपए किया गया है। इसमें केंद्रीय क्षेत्र घटक के तहत 570 करोड़ और केंद्र प्रायोजित योजना के तहत 4,200 करोड़ रुपए शामिल हैं। इससे क्रिटिकल केयर ब्लॉक, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं और जिला व उप-जिला अस्पतालों का विस्तार होगा।

एम्स और मेडिकल कॉलेजों को समर्थन

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत आवंटन बढ़ाकर 11,307 करोड़ रुपए किया गया है। इससे नए एम्स की स्थापना, मौजूदा संस्थानों के संचालन और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन को बल मिलेगा।

रोग नियंत्रण और अनुसंधान पर फोकस

राष्ट्रीय एड्स और एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम के लिए बजट 30.64 प्रतिशत बढ़कर 3,477 करोड़ रुपए हो गया है। ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेवाओं के लिए 275 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग का आवंटन 24 प्रतिशत बढ़कर 4,821.21 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

नई पहल और आपात सेवाएं

बजट में ‘बायो फार्मा शक्ति’ नामक 10,000 करोड़ रुपए की राष्ट्रीय पहल शुरू की गई है, जिससे बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर और फार्मा अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। हर जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने और 1.5 लाख कैरगिवर्स के प्रशिक्षण का लक्ष्य भी रखा गया है।

विकसित भारत की दिशा में कदम

कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर सीमा शुल्क में कमी से इलाज लागत घटेगी। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 9,500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 39,390 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को स्वास्थ्य के माध्यम से साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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