‘खुद पर विश्वास हो तो सब कुछ संभव’, भारत–अमेरिका ट्रेड डील के बाद पीएम मोदी का संदेश
आत्मविश्वास ही विकसित भारत की असली ताकत: पीएम मोदी
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भारत–अमेरिका के बीच अहम व्यापार समझौते पर बनी सहमति
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अमेरिकी टैरिफ 25% से घटकर 18% होने पर सहमत
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पीएम मोदी ने आत्मविश्वास को राष्ट्र निर्माण की कुंजी बताया
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संस्कृत श्लोक के ज़रिए धन, कौशल और अनुशासन का संदेश
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 03 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बाद आत्मविश्वास को विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर हिंदी में पोस्ट साझा करते हुए कहा कि आत्मविश्वास के बल पर ही असंभव को संभव किया जा सकता है और यही भावना ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करेगी।
भारत–अमेरिका ट्रेड डील की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के लिए राज़ी हुआ है। माना जा रहा है कि इससे भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मज़बूत होंगे।
पीएम मोदी का एक्स पोस्ट
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा,
“आत्मविश्वास वह शक्ति है, जिसकी मदद से सब कुछ संभव है।”
उन्होंने कहा कि देशवासियों का यही आत्मविश्वास भारत को विकास के नए शिखर तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
संस्कृत श्लोक से दिया गहरा संदेश
पीएम मोदी ने अपने संदेश के साथ एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया। श्लोक के भावार्थ में कहा गया है कि धन और समृद्धि साहस व आत्मविश्वास से बढ़ती है, कौशल और दक्षता से स्थिर रहती है और अनुशासन के साथ सुरक्षित रहकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देती है। प्रधानमंत्री ने यह संकेत दिया कि व्यक्तिगत सद्गुण ही राष्ट्रीय उन्नति की नींव होते हैं।
आर्थिक और राजनीतिक संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, व्यापार समझौते के बाद आया यह बयान केवल आर्थिक महत्व का नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक और वैचारिक संदेश भी है। सरकार आत्मनिर्भर भारत, वैश्विक सहयोग और नागरिकों के आत्मविश्वास—तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
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