समग्र समाचार सेवा
कुआलालंपुर, 8 फरवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की आधिकारिक यात्रा के दौरान आतंकवाद पर भारत की सख्त नीति को दोहराते हुए कहा—“आतंकवाद पर कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं।” कुआलालंपुर में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को “अभूतपूर्व गति और गहराई” देने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने ऊर्जा, अवसंरचना, विनिर्माण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, जैव-प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया। उन्होंने भारत और मलेशिया को सभ्यतागत रूप से जुड़े समुद्री पड़ोसी बताते हुए आपसी विश्वास को रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर जोर दिया।
दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। रक्षा सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए आसियान की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करता रहेगा।
उभरते क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देते हुए दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवा और खाद्य सुरक्षा में साझेदारी गहरी करने पर सहमति व्यक्त की। यात्रा के साथ आयोजित सीईओ फोरम को व्यापार और निवेश के नए अवसर खोलने वाला कदम बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रणनीतिक भरोसे को आर्थिक परिवर्तन में बदला जाएगा।
जन-केंद्रित पहलों की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने मलेशिया में कार्यरत भारतीय श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सामाजिक सुरक्षा समझौते, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निशुल्क ई-वीज़ा सुविधा और सीमा-पार भुगतान को सरल बनाने हेतु मलेशिया में यूपीआई (UPI) की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि लगभग 30 लाख भारतीय मूल के नागरिक मलेशिया में रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच “जीवंत सेतु” का कार्य करते हैं।
सांस्कृतिक सहयोग पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने तमिल भाषा और संस्कृति के साझा जुड़ाव का उल्लेख किया। फिल्मों और संगीत के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए नए ऑडियो-विजुअल समझौते, विश्वविद्यालयों के बीच आदान-प्रदान, स्टार्टअप सहयोग और कौशल विकास कार्यक्रमों के विस्तार पर भी सहमति बनी। मलेशिया में एक नए भारतीय वाणिज्य दूतावास के उद्घाटन पर भी सहमति जताई गई।
वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत–मलेशिया साझेदारी क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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