समग्र समाचार सेवा
शंघाई, 8 फरवरी 2026: “एक भारत श्रेष्ठ भारत” फिल्म महोत्सव का शुभारंभ रविवार को शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर द्वारा किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य चीनी दर्शकों के समक्ष भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रस्तुत करना है। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि चयनित फिल्मों में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कृतियाँ भी शामिल हैं, जिन्हें चीनी उपशीर्षकों के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है ताकि मुख्यभूमि चीन के दर्शक सहज रूप से भारतीय सिनेमा से जुड़ सकें।
महावाणिज्य दूत ने कहा कि महोत्सव में प्रस्तुत की जा रही फिल्में ऐसी कहानियाँ कहती हैं जो सांस्कृतिक सीमाओं से परे जाकर मानवीय मूल्यों, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को उजागर करती हैं। उद्घाटन फिल्म के रूप में प्रदर्शित कन्नड़ फिल्म “डोल्लू” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह फिल्म लोक कलाओं और नृत्य परंपराओं के संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के अनुरूप है।
उद्घाटन स्क्रीनिंग में 200 से अधिक चीनी दर्शकों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे भारतीय फिल्मों के प्रति बढ़ते वैश्विक आकर्षण का संकेत मिला। इस अवसर पर ईरान, क्यूबा, दक्षिण अफ्रीका, बेलारूस और नाइजीरिया सहित कई देशों के महावाणिज्य दूत और राजनयिक भी उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार, विभिन्न देशों के राजनयिकों की मौजूदगी ने इस सांस्कृतिक पहल को अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्रदान किया।
महावाणिज्य दूत ने बताया कि यह पहल शंघाई–नई दिल्ली के बीच हाल ही में शुरू हुई सीधी उड़ानों के बाद आयोजित की गई है, जिससे भारत और चीन के बीच जन-जन संपर्क (पीपुल-टू-पीपुल एक्सचेंज) को नई गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान “भारत को जानिए” नामक एक इंटरैक्टिव क्विज़ का आयोजन भी किया गया, जिसमें अतिथियों ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और महोत्सव की थीम से जुड़े प्रश्नों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन भारतीय व्यंजन महोत्सव के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न प्रांतों के पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। इसके साथ ही भारतीय फ़िल्टर कॉफी को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। आयोजकों ने बताया कि इस सकारात्मक प्रतिक्रिया से वैश्विक बाज़ार में भारतीय उत्पादों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मिलता है।
अधिकारियों के अनुसार, यह फिल्म महोत्सव सिनेमा, व्यंजन और सांस्कृतिक संवाद के माध्यम से भारत की सॉफ्ट पावर को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और भारत की वैश्विक सांस्कृतिक उपस्थिति को विस्तार देने में सहायक सिद्ध होगी।
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