श्री सत्यपाल जैन : मानवता और सामाजिक एकता का संदेश

समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 20 फरवरी :चंडीगढ़ कंस्ट्रक्शन वर्कर लेबर यूनियन की ओर से सेक्टर-44 सी स्थित लेबर चौक मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य पूजा-अर्चना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में चंडीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भारत सरकार के अपर महासॉलिसिटर श्री सत्यपाल जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और उपस्थित श्रद्धालुओं को शिवरात्रि की शुभकामनाएँ  दीं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिक, नौजवान और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। पूजा के दौरान मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी।

इस अवसर पर श्री सत्य पाल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान शिव का संदेश केवल किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता और भगवान शिव के भक्तों में सभी जाति, धर्म, भाषा और प्रांतों के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि का पर्व समाज में एकता, समरसता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर देशभर से लोग पहुँचते  हैं, जहाँ कोई किसी की जाति या पहचान नहीं पूछता। सभी श्रद्धालु एक ही पवित्र जल में स्नान करते हैं और मंदिरों में समान रूप से कतार में खड़े होकर पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक शक्ति का अद्भुत उदाहरण है, जो दुनिया के अन्य देशों में देखने को नहीं मिलता।

कार्यक्रम के आयोजन में चंडीगढ़ कंस्ट्रक्शन वर्कर लेबर यूनियन की अहम भूमिका रही। समिति के अध्यक्ष श्री राम लाल ने कहा कि इस आयोजन में मजदूरों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जो इस बात का प्रमाण है कि देश की नई पीढ़ी भी अपने धर्म और परंपराओं के प्रति आस्था रखती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।

इस मौके पर श्री अवधराम चौहान, श्री गोपाल शुक्ला, श्री सोनी गोयल, श्री रवि प्रकाश दूबे, श्री राम सरिक, श्री राजेंद्र, श्री गया प्रसाद यादव, श्री सतार, श्री महेंद्र, श्री संतोष, श्री हरिराम चौहान, श्री सुरेश चौहान और श्री सुरेंद्र प्रताप सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पूरे कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और श्रमिक वर्ग के बीच सामूहिक सहभागिता का भी सशक्त संदेश दिया।

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