गुवाहाटी : वरिष्ठ पत्रकार नव ठाकुरिया को मिलेगा देवर्षि नारद जयंती सम्मान-2026

समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 4 जून : पूर्वोत्तर भारत के वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार और मीडिया विश्लेषक नव ठाकुरिया को पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके तीन दशक से अधिक लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित देवर्षि नारद जयंती सम्मान-2026 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 7 जून 2026 को गुवाहाटी के बोरबारी स्थित सुदर्शनालय में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन विश्व संवाद केंद्र (वीएसके) असम द्वारा किया जा रहा है।

समारोह में डीडी न्यूज के वरिष्ठ कंसल्टिंग एडिटर और राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध समाचार प्रस्तुतकर्ता प्रखर श्रीवास्तव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। वे देवर्षि नारद के जीवन, कार्यों और भारतीय संचार परंपरा में उनके योगदान पर विशेष व्याख्यान देंगे।

इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नव ठाकुरिया के साथ-साथ एनकेटीवी के लक्ष्यजीत गोहेन, प्रथम खबर की रंजीता राभा तथा दैनिक असम के मृदुल हलोई को भी सम्मानित किया जाएगा।

वीएसके असम के सचिव किशोर शिवम ने बताया कि मीडिया लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो समाज को जागरूक, सतर्क और उत्तरदायी बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद को संवाद और जन-जागरूकता का अग्रदूत माना जाता है तथा इसी भावना से यह सम्मान प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।

नव ठाकुरिया ने वर्ष 1985 में असम इंजीनियरिंग कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की और 1990 में बीई की डिग्री प्राप्त की। हालांकि उन्होंने इंजीनियरिंग के सुरक्षित और प्रतिष्ठित करियर को छोड़कर पत्रकारिता को अपना जीवन-कार्य चुना। अगस्त 1990 में उन्होंने असमिया दैनिक ‘नतुन दैनिक’ से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की।

पत्रकारिता की ओर उनका रुझान उनके भौतिकी के प्रोफेसर डॉ. सुरेंद्र नाथ मेधी, जिन्हें साहित्य जगत में सौरभ चलिहा के नाम से जाना जाता है, से प्रेरित होकर विकसित हुआ। बाद में वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार चंद्र प्रसाद सैकिया ने उन्हें ‘नतुन दैनिक’ में कार्य करने का अवसर प्रदान किया।

वर्ष 2000 के बाद उन्होंने अंग्रेजी पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनके लेख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों में नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने जिनेवा स्थित प्रेस एम्ब्लेम कैंपेन (PEC) के लिए विश्वभर में कोरोना से दिवंगत पत्रकारों का दस्तावेजीकरण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2021 में प्रतिष्ठित PEC मीडिया सम्मान प्रदान किया गया, जिसे प्राप्त करने वाले वे पहले भारतीय पत्रकार बने।

देवर्षि नारद जयंती सम्मान-2026 के लिए उनका चयन न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का सम्मान है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध पत्रकारिता परंपरा के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.