समग्र समाचार सेवा
न्यूज़ीलैंड / हैमिल्टन, 18 जून: भारत ने पहली बार न्यूज़ीलैंड के Fieldays 2026 में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ‘Incredible India’ पवेलियन का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी दक्षिणी गोलार्ध की सबसे बड़ी कृषि प्रदर्शनी मानी जाती है। इस पवेलियन ने भारत की कृषि, कृषि-प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, नवाचार, विनिर्माण, पर्यटन और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर न्यूज़ीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैकक्ले, मंत्री लुईस अपस्टन, मंत्री तामा पोटाका, भारत के उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी और ऑकलैंड के भारतीय कांसल जनरल डॉ. मदन मोहन सेठी मौजूद थे। इस चार दिवसीय आयोजन में उद्योग के नेता, व्यापार प्रतिनिधि और दोनों देशों की समुदायों के सदस्य शामिल हुए।
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। इस समझौते के तहत व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी, बाजार पहुंच और कृषि सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
पवेलियन ने पहले दिन ही 1000 से अधिक आगंतुकों को आकर्षित किया, जिन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और नवाचार को डिजिटल प्रदर्शनों के माध्यम से समझा। कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने पवेलियन का दौरा कर द्विपक्षीय सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।
Fieldays के अंतिम दिन, जिसे परिवार दिवस भी कहा गया, न्यूज़ीलैंड के उप प्रधानमंत्री डेविड सियूमोर ने भारत के इस ऐतिहासिक पदार्पण की सराहना की और दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की उम्मीद जताई।
भारतीय कांसुलेट जनरल ने इस सफल पदार्पण को दोनों देशों के बीच कृषि, व्यापार, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत, दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में, न्यूज़ीलैंड के व्यवसायों के लिए अपार अवसर प्रदान करता है।
यह पदार्पण भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों में नई ऊर्जा और संभावनाओं का परिचायक है।
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