मणिपुर : सुरक्षा स्थिति पर राज्यपाल अजय भल्ला की अमित शाह से मुलाकात

  • मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की।
  • राज्य में कुकी और नागा समुदायों के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा हुई।
  • सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई।
  • मणिपुर में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

समग्र समाचार सेवा:
नई दिल्ली/इंफाल 18 जून :मणिपुर में जारी तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था, सुरक्षा हालात तथा विभिन्न समुदायों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

राज्य में शांति और स्थिरता

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल भल्ला ने गृह मंत्री को मणिपुर की जमीनी स्थिति से अवगत कराया। पिछले एक महीने के दौरान राज्य में कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव बढ़ने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। बैठक में राज्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी समीक्षा की गई।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मणिपुर के राज्यपाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि बैठक के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि राज्य की समग्र सुरक्षा स्थिति चर्चा का मुख्य विषय रही।

शांति बहाली

उल्लेखनीय है कि मई 2023 में मणिपुर में शुरू हुई जातीय हिंसा ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया था। कुकी-जो और मैतेई समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार लगातार शांति बहाली के प्रयासों में जुटी हुई हैं।

करीब एक वर्ष तक राष्ट्रपति शासन के बाद इस वर्ष फरवरी में मणिपुर में निर्वाचित सरकार की वापसी हुई। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में सरकार का गठन किया गया, जबकि नागा और कुकी समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए दो उपमुख्यमंत्रियों को भी शामिल किया गया। हालांकि मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार अभी तक नहीं हो सका है।

राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार की नजर मणिपुर की स्थिति पर बनी हुई है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता माना जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.