सिक्किम ‘मिशन मिलियन ओक ट्रीज़ बाय 2047’

जल सुरक्षा और जैव विविधता को मिलेगा नया जीवन

  • सिक्किम में ‘मिशन: मिलियन ओक ट्रीज़ बाय 2047’ की शुरुआत
  • हिमालयी ओक वनों का संरक्षण और जल सुरक्षा को प्राथमिकता
  • नागरिक, संस्थान और संगठनों से अभियान में भागीदारी की अपील
  • नया वन प्रशिक्षण संस्थान, वैज्ञानिक निगरानी और अतिक्रमण पर सख्ती

समग्र समाचार सेवा

गंगटोक सिक्किम 8 जुलाई :सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मंगलवार को ‘मिशन: मिलियन ओक ट्रीज़ बाय 2047’ का शुभारंभ किया। यह राज्यव्यापी पहल हिमालयी ओक वनों के संरक्षण, जल सुरक्षा बढ़ाने, जैव विविधता को बचाने और पर्यावरणीय स्थिरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री ने लग्याप रिजर्व फॉरेस्ट में पहला ओक का पौधा लगाकर की। उन्होंने ओक फॉरेस्ट रिस्टोरेशन मैनुअल भी जारी किया और वन विभाग के लिए सफारी व नौ गश्ती वाहनों को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर देशी ओक प्रजातियों का पौधारोपण राज्य में पारिस्थितिक सुरक्षा, जल संरक्षण और स्थायी भविष्य के लिए आवश्यक है।

मुख्यमंत्री तमांग ने राज्य के सभी सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय निकायों, गैर-सरकारी संगठनों और नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सिक्किम को आज जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और जल संसाधनों की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में खाली सरकारी ज़मीन पर पौधारोपण और सामुदायिक भागीदारी से किचन गार्डन विकसित करने की भी सलाह दी गई।

सिक्किम का लगभग 47.33% भौगोलिक क्षेत्र वन आच्छादित है। मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक तरीके से वृक्षारोपण की निगरानी, सड़क किनारे पौधों की देखभाल और नए अतिक्रमण पर रोक की भी बात की। इसी कार्यक्रम में बुल्कुले में सिक्किम फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन भी हुआ, जो वन एवं जैव विविधता प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह पहल सिक्किम के पर्यावरण व जल संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

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