- SIMTA ने 20 जुलाई तक मांगें न माने जाने पर दक्षिण भारत में ट्रांसपोर्ट हड़ताल की चेतावनी दी
- VLTD अनिवार्यता, बॉर्डर चेकपोस्ट, टोल बढ़ोतरी और VAHAN पोर्टल के नए नियमों का विरोध
- ट्रांसपोर्टरों पर आर्थिक बोझ और लॉजिस्टिक्स में देरी का आरोप
- केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की अपील
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 8 जुलाई : साउथ इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन (SIMTA) ने केंद्र और राज्य सरकारों को 20 जुलाई तक लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में दक्षिण भारत में अचानक हड़ताल की चेतावनी दी है। संगठन ने कहा कि यदि VLTD (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) की अनिवार्यता और बॉर्डर चेकपोस्ट जैसी समस्याओं का हल नहीं निकला, तो ट्रांसपोर्ट सेवाएं ठप कर दी जाएंगी।
SIMTA ने आरोप लगाया कि माल वाहनों में AIS-140 मानक वाले VLTD लगाने से ट्रांसपोर्टरों पर बेवजह आर्थिक बोझ बढ़ गया है। एक वाहन पर इंस्टॉलेशन का खर्च 14,000-15,000 रुपये और वार्षिक सब्सक्रिप्शन 8,000-10,000 रुपये तक है। संगठन ने कहा कि यह नियम पहले यात्री वाहनों के लिए लाया गया था, लेकिन अब माल वाहनों पर भी जबरन लागू किया जा रहा है।
इसके अलावा, VAHAN पोर्टल से VLTD लिंक करने के कारण हजारों कमर्शियल वाहनों के परमिट, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र अटक गए हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। SIMTA ने दक्षिण राज्यों में बॉर्डर चेकपोस्ट खत्म करने की भी मांग की, क्योंकि GST लागू होने के बावजूद ये चेकपोस्ट अभी भी मालवाहनों की आवाजाही में देरी कर रहे हैं।
संगठन ने ई-चालान के दुरुपयोग, टोल में 10-15% बढ़ोतरी, प्रतिबंधित विक्रेताओं से रिफ्लेक्टिव टेप की खरीद और मैन्युअल फिटनेस सेंटर को फिर से शुरू करने जैसी कई अन्य मांगें भी उठाईं।
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