मणिपुर नागा हत्याकांड: कांगपोकपी में दो और गिरफ्तार, चार गिरफ्तारियां पूरी
नागा संगठनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार, प्रशासन पर दबाव
- मणिपुर नागा हत्याकांड में दो और गिरफ्तार, कुल चार गिरफ्तार
- शव अभी तक परिवारों और संगठनों के पास, अंतिम संस्कार से इनकार
- नागा संगठनों की प्रशासन से चार प्रमुख मांगें
- यूनाइटेड नागा काउंसिल की आर्थिक नाकाबंदी जारी
- घटना से राज्य में भारी आक्रोश और राजनीतिक दबाव
समग्र समाचार सेवा
मणिपुर, 18 जुलाई : मणिपुर के कांगपोकपी जिले में छह लिआंगमाई नागा नागरिकों के अपहरण और हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), मणिपुर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लीलोन वैफेई गांव के लुंगौलाल वैफेई और मोल्होई गांव के लुनमिनथांग सिटल्हो उर्फ जैक के रूप में हुई है।
इससे पहले, 10 जुलाई को इसी गांव के प्रदीप और उसकी पत्नी आयिंगबी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब भी अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। यह मामला 13 मई को कोंसाखुल गांव से छह नागा नागरिकों के अपहरण से जुड़ा है, जिन्हें बाद में कांगपोकपी के लीलोन वैफेई गांव ले जाकर कथित तौर पर मार दिया गया था। 10 जून को इनकी लाशें जिला स्तर पर बड़े तलाशी अभियान में बरामद की गई थीं।
एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, शवों को अभी तक परिवारों ने नहीं लिया है। नागा संगठनों ने अंतिम संस्कार से इंकार करते हुए प्रशासन के सामने चार सूत्रीय मांगें रखी हैं—कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स (SoO) समझौते को समाप्त करना, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, लीलोन वैफेई गांव के मुखिया की गिरफ्तारी और उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन को पद से हटाना।
UNC अध्यक्ष एनजी लोरहो ने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जातीं, तब तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
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