ग्वालियर को मिला देश का पहला Telecom Manufacturing Zone (TMZ)

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली/ग्वालियर/भोपाल | 31 जुलाई : केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर, ऐतिहासिक उपलब्धि। परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया संकल्प को गति देगी।

Meta: ग्वालियर को देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन मिला; ₹3500 करोड़ निवेश, 14 हजार रोजगार, भारत का टेलीकॉम क्षेत्र बनेगा वैश्विक केंद्।

350 एकड़ में विकसित होगा TMZ, ₹500 करोड़ की केंद्रीय सहायता ग्वालियर में अत्याधुनिक Plug-and-Play मॉडल पर विकसित होगा देश का पहला टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र। मोबाइल, नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर, 5G-6G तकनीकों के अनुसंधान, डिज़ाइन, टेस्टिंग व उत्पादन की एकीकृत सुविधाएं।

मूल्य श्रृंखला का संपूर्ण विकास एक ही परिसर में—वैश्विक प्रतिस्पर्धा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।

₹3500 करोड़ तक का निवेश, 14,000+ रोजगार

मध्य प्रदेश में अनुमानित निवेश ₹3500 करोड़; 14 हजार से अधिक दीर्घकालिक रोजगार। प्रथम चरण में डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एचएफसीएल, तेजस नेटवर्क सहित अग्रणी कंपनियों का लगभग ₹2,000 करोड़ का निवेश। ग्वालियर-चंबल के युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च-स्तरीय नौकरियां।

साझेदारी और क्रियान्वयन

मध्य प्रदेश शासन (51%) और दूरसंचार विभाग (49%) की भागीदारी से स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन।

संस्थागत मजबूती और निवेश प्रक्रिया में गति।

सिंधिया का बयान

प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत यह केवल औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि तकनीकी भविष्य की आधारशिला। भारत को वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर। “हमें विश्व पर निर्भर देश से विश्व भारत पर निर्भर बनाने की ओर बढ़ना है।”

ग्वालियर भारत की Telecom Manufacturing Capital बनने की ओर। 5G-6G तक का अनुसंधान और विनिर्माण एक ही परिसर में। निवेश और रोजगार के नए अवसर; मध्य प्रदेश बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स व दूरसंचार का प्रमुख केंद्र।

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