- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 20 जुलाई को हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) विरोध प्रदर्शन पर कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी।
- याचिकाकर्ता ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस वापस लेने के किसी भी राजनीतिक फैसले का विरोध किया।
- कोर्ट ने कहा—युवाओं को शांत करने की जरूरत है, सरकार का आक्रामक रवैया स्थिति और खराब कर सकता है।
- याचिकाकर्ता ने चेताया—अगर ऐसे मामलों में केस वापस लिए गए, तो भविष्य में जेनरेशन अल्फा, बीटा जैसे नए आंदोलनों में गलत मिसाल बनेगी।
- कोर्ट ने हिंसात्मक रवैये से बचने और लोकतांत्रिक तरीके से समाधान की जरूरत पर जोर दिया।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5 अगस्त :सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 20 जुलाई को हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) विरोध प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दलील दी कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस वापसी का कोई भी राजनीतिक फैसला भविष्य के आंदोलनों के लिए खतरनाक मिसाल बनेगा, क्योंकि कल जेनरेशन अल्फा, बीटा, डेल्टा भी आएंगे।
कोर्ट ने कहा कि युवाओं को शांत करने की जरूरत है और सरकार को आक्रामक रवैया नहीं अपनाना चाहिए, जिससे स्थिति और हिंसक हो सकती है।
कोर्ट ने लोकतांत्रिक समाधान और संवाद पर जोर दिया, साथ ही हिंसात्मक गतिविधियों से बचने की सलाह दी।
मामले की अगली सुनवाई जल्द निर्धारित की जाएगी।
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