- सुप्रीम कोर्ट ने बोफोर्स रिश्वत कांड में लंबित आखिरी अपील खारिज कर दी।
- करीब 40 साल पुराने इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले का न्यायिक अंत हुआ।
- जस्टिस जेबी पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की बेंच ने वकील अजय के. अग्रवाल की अपील पर आगे सुनवाई से इनकार किया।
- कोर्ट ने कहा—दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई रद्द कर दी थी, सीबीआई की अपील भी पहले खारिज हुई।
- मृतक आरोपियों के नाम हटाने के लिए अतिरिक्त समय देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया; और देरी अनुचित।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 7 अगस्त :सुप्रीम कोर्ट ने बोफोर्स घोटाले की लंबित आखिरी अपील खारिज कर दी है, जिससे करीब 40 साल पुराने इस चर्चित मामले का अंत हो गया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा पहले ही सभी आपराधिक कार्यवाहियां रद्द की जा चुकी हैं और सीबीआई की अपील भी खारिज हो चुकी है, इसलिए आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं।
मृतक आरोपियों के नाम हटाने के लिए मांगा गया अतिरिक्त समय भी सुप्रीम कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
अब बोफोर्स घोटाला कानूनी रूप से पूरी तरह बंद हो गया है, जिसे दशकों तक देश की राजनीति में अहम मुद्दा माना जाता रहा।
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