- भारतीय मूल के CFO आदित्य हुमद को SpineFrontier कंपनी में डॉक्टरों को रिश्वत देने के आरोप में 4 महीने जेल।
- 41 वर्षीय हुमद को 9,500 डॉलर का जुर्माना और एक साल की सुपरवाइज्ड रिहाई भी हुई।
- अदालत ने पाया कि हुमद ने सर्जनों को नकली कंसल्टिंग फीस के रूप में 5.4 लाख डॉलर से ज्यादा की रिश्वत दी।
- SpineFrontier कंपनी को डॉक्टरों द्वारा की गई सर्जरी से लाखों डॉलर का राजस्व मिला।
- अमेरिकी अधिकारियों ने कहा—यह साजिश मरीजों की सुरक्षा और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की पारदर्शिता के लिए बड़ा खतरा थी।
- हुमद और कंपनी के CEO किंग्सले आर. चिन सहित कई डॉक्टरों पर भी कार्रवाई हुई है।
- जांच में पाया गया कि फीस के नाम पर रिश्वत देकर कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल करवाया गया, जिसमें मेडिकेयर, मेडिकेड और वेटरन्स हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन की प्रक्रियाएं भी शामिल थीं।
समग्र समाचार सेवा | वाशिंगटन, 11 अगस्त : अमेरिका की एक संघीय अदालत ने भारतीय मूल के फाइनेंस अधिकारी आदित्य हुमद को डॉक्टरों को रिश्वत देने के मामले में चार महीने की जेल और 9,500 डॉलर का जुर्माना सुनाया है। हुमद ने SpineFrontier कंपनी के CFO रहते हुए नकली कंसल्टिंग फीस के रूप में 5.4 लाख डॉलर से ज्यादा की रिश्वत डॉक्टरों को दी थी, ताकि वे कंपनी के स्पाइनल इम्प्लांट प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
अदालत ने पाया कि डॉक्टरों ने परामर्श के नाम पर बहुत कम या कोई वास्तविक कार्य नहीं किया, लेकिन उन्हें बड़ी रकम दी गई।
इन सर्जनों द्वारा की गई सर्जरी से कंपनी को भारी राजस्व मिला, जिनमें सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के मरीज भी शामिल थे।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.