राहुल गांधी का थाने में धरना: पैलेट गन पीड़ित को न्याय की मांग

दिल्ली पुलिस स्टेशन के बाहर राहुल गांधी का विरोध प्रदर्शन

  • पैलेट गन से घायल छात्र साहिल लोचब को लेकर राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे।
  • राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर धरना शुरू किया।
  • कांग्रेस नेता लगातार मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच के लिए जिम्मेदार अधिकारी का नंबर दिया जाए और कानून सम्मत कार्रवाई हो।

नई दिल्ली, 21 अगस्त: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को पैलेट गन से घायल एक छात्र, साहिल लोचब, को न्याय दिलाने के लिए दिल्ली के संसद मार्ग स्थित पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। राहुल गांधी का आरोप है कि जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए साहिल की शिकायत पर पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बच रही है और न ही जांच अधिकारी (IO) का विवरण साझा कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा निवासी साहिल लोचब बीते 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ थाने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। पुलिस द्वारा जांच अधिकारी का नंबर देने से इनकार करने और शिकायत की पावती न देने के बाद, राहुल गांधी स्वयं साहिल को लेकर पुलिस दफ्तर पहुंचे। राहुल गांधी का कहना है कि यह एक संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense) है, जिसके तहत एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है, फिर भी पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।

धरने पर बैठे राहुल गांधी और अन्य नेता

थाने के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी इस दौरान ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भजन गाते नजर आए। उनके समर्थन में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, सलमान खुर्शीद और अधीर रंजन चौधरी सहित पार्टी के कई बड़े नेता भी मौके पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जा रही है। मौके पर तनाव को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी तैनात कर दिया गया है।

छात्रों पर हुई कार्रवाई की जांच जारी

उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में नीट (NEET) तथा अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित ज्यादती की खबरें सामने आई थीं। इन आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति (HPEC) का गठन किया है। राहुल गांधी का कहना है कि वे तब तक यहीं रहेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं और एफआईआर दर्ज नहीं की जाती। पुलिस प्रशासन फिलहाल मामले को शांत कराने और स्थिति संभालने की कोशिश में जुटा है।

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