यूपी-जापान एमओयू: ग्रीन हाइड्रोजन से बढ़ेगा रोजगार

यूपी-जापान एमओयू: ग्रीन हाइड्रोजन से बढ़ेगा रोजगार और पर्यटन

  • यूपी-जापान एमओयू: उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत ने ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और पर्यटन के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है।
  • हाइड्रोजन उत्पादन: इस समझौते के तहत यूपी में प्रति वर्ष 1 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
  • पर्यटन में सहयोग: उत्तर प्रदेश पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘टूरिज्म एक्सपो जापान 2026’ में भाग लेगा, जिससे जापानी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच शुक्रवार को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस महत्वपूर्ण साझेदारी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ के उत्पादन को बढ़ावा देना और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इस समझौते से प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की उपस्थिति में हस्ताक्षरित इस एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश में हर साल 1 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। इसके लिए यामानाशी मॉडल और ‘पावर टू गैस’ (P2G) तकनीक पर आधारित पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। इसके लिए यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी और कनाडेविया कॉरपोरेशन के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती

इस साझेदारी के दूसरे महत्वपूर्ण पहलू में पर्यटन विकास पर चर्चा हुई। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश को सितंबर 2026 में होने वाले ‘टूरिज्म एक्सपो जापान’ में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है। उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत स्थलों को देखते हुए जापानी पर्यटकों के लिए यहां व्यापक संभावनाएं हैं। वर्ष 2025 में भारत आने वाले जापानी पर्यटकों की संख्या में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए इस एमओयू के जरिए इस संख्या को और बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

विधायी सहयोग और भविष्य की राह

यामानाशी प्रीफेक्चरल असेंबली और उत्तर प्रदेश विधान सभा के बीच हुआ यह मैत्रीपूर्ण समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विधायी कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक मूल्यों के आदान-प्रदान को भी मजबूत करेगा। विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना और यामानाशी असेंबली के अध्यक्ष हिदेनोरी मियामोतो ने आपसी विश्वास और सहयोग पर जोर दिया। इस डिजिटल और आधुनिक युग में, जापान की तकनीकी दक्षता और उत्तर प्रदेश के विशाल संसाधन मिलकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगे।

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