बार काउंसिल विवाद: मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग
बार काउंसिल विवाद: चेयरमैन मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग और गंभीर आरोप
- बार काउंसिल के चेयरमैन मनन मिश्रा के खिलाफ आंतरिक विरोध और इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
- सह-अध्यक्ष वाई.आर. सदाशिव रेड्डी और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
- हालिया नल्सार (NALSAR) विश्वविद्यालय विवाद और फंड ट्रांसफर के मामलों को लेकर वकीलों में भारी नाराजगी है।
नई दिल्ली: भारतीय बार काउंसिल (BCI) के चेयरमैन मनन मिश्रा इन दिनों चौतरफा घिरते नजर आ रहे हैं। हाल ही में नल्सार यूनिवर्सिटी के छात्रों के खिलाफ जारी किए गए विवादित आदेश और उसके बाद उपजे असंतोष के बीच, बार काउंसिल के भीतर से ही उनके इस्तीफे की मांग उठने लगी है। काउंसिल के सह-अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता वाई.आर. सदाशिव रेड्डी ने एक तीखा पत्र लिखकर मनन मिश्रा से तत्काल या 15 दिनों के भीतर अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
वित्तीय अनियमितताओं और ट्रस्ट के आरोप
सह-अध्यक्ष द्वारा उठाए गए इस कदम से कानूनी जगत में हलचल मच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि बार काउंसिल के लगभग 150 करोड़ रुपये एक निजी ट्रस्ट (बीसीआई ट्रस्ट पर्ल-फर्स्ट) में स्थानांतरित किए गए हैं। इसके अलावा, विधि महाविद्यालयों (लॉ कॉलेजों) से अनुमोदन या नवीनीकरण के नाम पर भारी मात्रा में दान और योगदान वसूलने तथा नियुक्तियों में पारदर्शिता न बरतने के भी आरोप लगाए गए हैं।
नल्सार विवाद और वकीलों का विरोध
यह पूरा विवाद तब गहराया जब बीसीआई ने नल्सार यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया था, हालांकि भारी विरोध के बाद इसे वापस ले लिया गया था। देश भर के कई वकीलों और संगठनों ने दिल्ली में बीसीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नेतृत्व में बदलाव की मांग की है। भाजपा के राज्यसभा सांसद और भारतीय बार काउंसिल (BCI) के चेयरमैन मनन मिश्रा का पक्ष जानने के लिए समग्र भारत की टीम ने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।
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