भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 12.42 अरब डॉलर की जोरदार छलांग के साथ 729.33 अरब डॉलर के ऐतिहासिक शिखर पर पहुंच गया है।

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.42 अरब डॉलर की भारी बढ़त के साथ 729.33 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है।
  • इस ऐतिहासिक उछाल का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा संपत्ति (FCA) और स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) में हुई मजबूत वृद्धि है।
  • इस बढ़ोतरी के साथ ही देश का विदेशी मुद्रा भंडार फरवरी महीने के अपने पिछले सभी रिकॉर्ड को पार कर चुका है।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 सितंबर: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) ने एक नया मील का पत्थर पार करते हुए अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को छू लिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, 21 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.42 अरब डॉलर (लगभग 12,422 करोड़ डॉलर) बढ़कर कुल 729.33 अरब डॉलर (लगभग 729,328 मिलियन डॉलर) के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। इस लगातार हो रही वृद्धि से देश की आर्थिक स्थिति और बाहरी मोर्चे पर वित्तीय सुरक्षा और अधिक मजबूत हुई है।

लगातार आठ हफ्तों से जारी है बढ़त का सिलसिला

आंकड़ों पर गौर करें तो देश का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले आठ हफ्तों से लगातार बढ़ रहा है। इस अवधि के दौरान कुल विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 63 अरब डॉलर की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले फरवरी के आखिरी सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का उच्च स्तर दर्ज किया गया था, लेकिन भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण इसमें कुछ गिरावट आई थी। अब इस ताजा उछाल ने फरवरी के उस पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है और देश की वित्तीय स्थिति को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है।

विदेशी मुद्रा संपत्ति और स्वर्ण भंडार में जोरदार तेजी

इस रिकॉर्ड वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान विदेशी मुद्रा संपत्ति (Foreign Currency Assets – FCA) और स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) का रहा है। आरबीआई के डेटा के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा माने जाने वाले एफसीए में 9.48 अरब डॉलर का मजबूत इजाफा हुआ है, जिससे यह बढ़कर 591.33 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार (Gold) के मूल्य में भी 2.80 अरब डॉलर की भारी तेजी दर्ज की गई है, जिससे यह बढ़कर 114.22 अरब डॉलर हो गया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास मौजूद स्पेशल ड्राइंग राइट्स (SDR) और देश की रिजर्व पोजीशन में भी मामूली बढ़त देखने को मिली है।

आर्थिक स्थिरता और केंद्रीय बैंक के नीतिगत कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई द्वारा हाल के महीनों में विदेशी पूंजी को आकर्षित करने और घरेलू मुद्रा बाजार को स्थिरता प्रदान करने के लिए जो प्रभावी कदम उठाए गए थे, उसी का नतीजा है कि आज देश का विदेशी मुद्रा भंडार इतनी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होने से देश को आयात बिल चुकाने, वैश्विक झटकों से निपटने और विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में बड़ी आसानी होती है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने वैश्विक निवेशकों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियादी नींव और प्रबंधन पर भरोसे को और अधिक पुख्ता किया है।

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