मध्य प्रदेश में 157 एएसआई बने सब-इंसपेक्टर
पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने विभागीय पदोन्नति के तहत 157 सहायक उपनिरीक्षकों को उपनिरीक्षक के पद पर किया प्रमोट, जारी हुई आधिकारिक सूची।
- मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 157 सहायक उपनिरीक्षकों (ASIs) को पदोन्नति देकर उपनिरीक्षक (SI) बना दिया गया है।
- पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल द्वारा विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के बाद यह आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
- इस प्रमोशन से राज्य में पुलिस बल के मैदानी स्तर पर नेतृत्व क्षमता और अधिकारियों की संख्या में इजाफा होगा।
समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 4 सितंबर: मध्य प्रदेश पुलिस महकमे से जुड़े पुलिसकर्मियों के लिए एक बेहद खुशी और उत्साह भरी खबर सामने आई है। राज्य शासन और पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे पुलिस अधिकारियों के करियर को आगे बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। ताजा आदेशों के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस के विभिन्न जिलों और इकाइयों में सेवाएं दे रहे 157 सहायक उपनिरीक्षकों (ASIs) को पदोन्नत (Promote) कर दिया गया है। इन सभी अनुभवी कर्मियों को अब सहायक उपनिरीक्षक के पद से पदोन्नति देकर पूर्ण उपनिरीक्षक (Sub-Inspector – SI) बना दिया गया है।
विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के बाद फैसला
यह पदोन्नति प्रक्रिया नियमानुसार गठित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकों और उनके द्वारा की गई संस्तुतियों के आधार पर पूरी की गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा उन सभी अहर्ताप्राप्त अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, कार्यकुशलता और गोपनीय प्रतिवेदनों की गहन समीक्षा की गई, जो इस पदोन्नति की दौड़ में शामिल थे। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इन 157 अधिकारियों के नामों की अंतिम सूची पर मुहर लगाई गई। इस आदेश के जारी होते ही पूरे प्रदेश के पुलिस थानों और कार्यालयों में खुशी की लहर दौड़ गई है, और पदोन्नत होने वाले अधिकारियों के साथियों द्वारा उन्हें बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया है।
मैदानी स्तर पर पुलिस नेतृत्व को मिलेगी मजबूती
कानून व्यवस्था और आपराधिक मामलों की जांच प्रक्रिया में उपनिरीक्षक (SI) की भूमिका रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में एएसआई से एसआई के पदों पर पदोन्नति होने से थानों और चौकियों स्तर पर जांच अधिकारियों की कमी काफी हद तक दूर होगी। इससे न केवल थानों की कार्यक्षमता में सुधार आएगा, बल्कि गंभीर मामलों की तफ्तीश में भी तेजी आएगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पदोन्नत किए गए इन सभी उपनिरीक्षकों को उनके नए पदों और नए थानों/इकाइयों में कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें, ताकि प्रशासनिक कामकाज में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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