बालाघाट में 79 पुलिसकर्मियों के हुए तबादले

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने प्रशासनिक व्यवस्था के तहत बालाघाट जिले से 79 आरक्षकों और प्रधान आरक्षकों को अन्य जिलों में भेजा।

  • मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत बालाघाट जिले में पदस्थ 79 पुलिस कर्मियों के तबादले कर दिए हैं।
  • इस नई तबादला सूची में 4 कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, 1 प्रधान आरक्षक और शेष 74 आरक्षक शामिल हैं।
  • सभी पुलिसकर्मियों को ‘स्वयं के व्यय’ (self-expense) के नियम के तहत प्रदेश के अन्य जिलों में नई पदस्थापना दी गई है।

समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 4 सितंबर: मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में प्रशासनिक कसावट लाते हुए पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल ने एक बड़ा फेरबदल किया है। इसके तहत बालाघाट जिले में लंबे समय से सेवाएं दे रहे कुल 79 पुलिस कर्मचारियों के तबादले कर दिए गए हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा आधिकारिक आदेश और नई पदस्थापना सूचियां जारी कर दी गई हैं। राज्य में प्रशासनिक दक्षता और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए इस तरह के नियमित आंतरिक तबादले किए जाते हैं, जिससे मैदानी स्तर पर काम करने वाले बलों का संतुलन बना रहे।

तबादला सूची में कौन-कौन शामिल?

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी की गई इस विस्तृत तबादला सूची के अनुसार, प्रभावित होने वाले 79 पुलिसकर्मियों में विभिन्न रैंक के कर्मी शामिल हैं। सूची में मुख्य रूप से 4 कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, 1 नियमित प्रधान आरक्षक और शेष 74 आरक्षक शामिल हैं। इन सभी को बालाघाट जिले से हटाकर मध्य प्रदेश के अन्य अलग-अलग जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन तमाम कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शासन के नियमों के तहत ‘स्वयं के व्यय’ के आधार पर निष्पादित की गई है।

स्थानांतरण नीति और नियमों का कड़ाई से पालन

पीएचक्यू के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इस बीच किसी कर्मचारी का प्रमोशन (पदोन्नति) हुआ है, तो उसे उसके नए पदनाम और तदनुरूप बैज क्रमांक के हिसाब से ही कार्यमुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही शासन की स्थानांतरण नीति के दिशा-निर्देशों के तहत तय समय-सीमा के भीतर कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि कोई शासकीय सेवक निलंबन की अवधि में है, या सेवाकाल के 5 वर्ष पूरे नहीं हुए हैं, या बुनियादी प्रशिक्षण अनुत्तीर्ण रहा है, तो उन्हें तत्काल कार्यमुक्त न करते हुए इसकी सूचना मुख्यालय को भेजी जाए।

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