दिशा सालियन केस में सचिन वाजे का बड़ा दावा

मृतका के परिवार के वकील नीलेश ओझा ने किया सनसनीखेज खुलासा, हत्या के मामले में आरोपी सचिन वाजे बनना चाहता है सरकारी गवाह।

  • दिशा सालियन मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आया है, जहां वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है कि सचिन वाजे गवाह बनना चाहता है।
  • वकील के अनुसार, सचिन वाजे के पास दिशा सालियन की मौत और अन्य मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद हैं।
  • दिशा का फोन घटना के बाद कई दिनों तक एक्टिव रहा था और उसमें डेटा खपत दर्ज की गई थी, जिसकी जांच अब तेज हो गई है।

मुंबई, 8 सितंबर: सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियन से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों में एक बार फिर भूचाल आ गया है। पिछले कुछ घंटों में सामने आए घटनाक्रम के तहत दिशा सालियन के परिवार के वकील नीलेश ओझा ने एक बहुत बड़ा दावा किया है। वकील का कहना है कि हत्या के मामले में जेल में बंद पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने उनके पास संपर्क किया है और वह इस मामले में गवाह बनना चाहता है। सचिन वाजे का दावा है कि उसके पास इस बात के पुख्ता सुबूत और जानकारियां हैं कि उस रात असल में क्या हुआ था। इस खुलासे के बाद से महाराष्ट्र से लेकर राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि सचिन वाजे की इस मामले में कथित संलिप्तता पहले से ही सवालों के घेरे में रही है।

वकील नीलेश ओझा के चौंकाने वाले खुलासे

मीडिया और रिपोर्ट्स के सामने आए बयानों के आधार पर वकील नीलेश ओझा ने बताया कि जब रिपब्लिक टीवी ने इस मामले से जुड़े कुछ अहम दस्तावेजों को उजागर किया, उसके बाद से घटनाक्रम तेजी से बदला है। वकील का आरोप है कि दिशा सालियन की मौत के बाद उनका मोबाइल फोन काफी दिनों तक एक्टिव रहा था और उस नंबर पर डेटा की खपत भी दर्ज की गई थी। सवाल यह उठता है कि पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद किसी मृत व्यक्ति का फोन इतने दिनों तक कैसे एक्टिव रह सकता है और उसका इस्तेमाल कौन कर रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि उस फोन के जरिए उन तमाम लोगों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही थी जिनके संपर्क में दिशा अपनी आखिरी रातों में थीं।

13 अन्य हत्याओं और सबूतों मिटाने के आरोप

वकील ने यह भी दावा किया है कि सचिन वाजे ने सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियन मामले के अलावा और भी कई सनसनीखेज खुलासे करने की बात कही है। उनके दावे के मुताबिक, उस दौर में कई ऐसी घटनाएं हुईं और जिन लोगों के पास तस्वीरें, वीडियो या जानकारियां थीं, उन्हें या तो रास्ते से हटा दिया गया या वे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। सचिन वाजे पर यह आरोप पहले भी लगते रहे हैं कि उसने उन तमाम साक्ष्यों को मिटाने और मामलों की लीपापोती करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। अब जबकि खुद वाजे ने कानूनी टीम के जरिए गवाह बनने की इच्छा जताई है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत और जांच एजेंसियों के सामने वह क्या नए दस्तावेज या सच पेश करता है।

साल 2020 से 2026 तक का कानूनी सफर

वर्ष 2020 में जब यह त्रासदी हुई थी, तब अधिकांश बातें केवल कयासों, बयानों और सुनी-सुनाई बातों पर आधारित थीं, जिनके पुख्ता दस्तावेजी सबूत सामने नहीं आ पा रहे थे। लेकिन अब साल 2026 में इस मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं और गवाहों के सीधे तौर पर सामने आने से जांच की दिशा बदलती नजर आ रही है। पीड़ित परिवार के वकील का आधिकारिक रूप से यह कहना कि उनके पास एक आरोपी की तरफ से गवाह बनने का प्रस्ताव आया है, इस केस में एक मजबूत मोड़ ला सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले की परतें और खुलने की उम्मीद है, जिससे देश की जनता को इस पूरे रहस्य के पीछे की असल सच्चाई का पता चल सकेगा।

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