गृह मंत्री अमित शाह करेंगे ANTF सम्मेलन की अगुवाई

नई दिल्ली में आयोजित हो रहा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन, ड्रग कार्टेल और सिंथेटिक ड्रग्स पर कसेगा शिकंजा।

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
  • इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ANTF प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
  • बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘विज़न डॉक्यूमेंट ऑन नार्कोटिक्स कंट्रोल (2026-29)’ के लक्ष्यों की समीक्षा करना और ड्रग्स नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करना है।

नई दिल्ली, 21 सितंबर: भारत को नशामुक्त बनाने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने की दिशा में केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति को और अधिक धारदार कर दिया है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ (ANTF) प्रमुख तथा विभिन्न केंद्रीय व राज्यीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। यह सम्मेलन देश की आंतरिक सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

‘विज़न डॉक्यूमेंट 2026-29’ के लक्ष्यों पर होगा मंथन

इस सम्मेलन की मुख्य थीम “संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी” (United Resolve, Shared Responsibility) रखी गई है। इसके तहत हाल ही में जारी किए गए ‘विज़न डॉक्यूमेंट ऑन नार्कोटिक्स कंट्रोल (2026-2029)’ में तय किए गए लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैठक के दौरान देश भर में सप्लाई रिडक्शन (आपूर्ति में कमी), डिमांड रिडक्शन (मांग में कमी) और हार्म रिडक्शन (नुकसान को कम करने) के उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा होगी। केंद्र सरकार का स्पष्ट मानना है कि ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने के लिए देश को ड्रग्स मुक्त करना सबसे पहली प्राथमिकता है।

डार्कनेट, क्रिप्टो और सिंथेटिक ड्रग्स पर विशेष फोकस

बदलते दौर में ड्रग्स तस्करों ने भी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा दिया है, जिससे निपटने के लिए इस सम्मेलन में आठ विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए गए हैं। इन सत्रों में मुख्य रूप से डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाली अवैध फंडिंग, सिंथेटिक ड्रग्स, गुप्त प्रयोगशालाओं (Clandestine Labs) के नेटवर्क को ध्वस्त करने और रासायनिक प्रीकर्सर की निगरानी पर मंथन होगा। एजेंसियों के बीच रियल-टाइम डेटा शेयरिंग और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि संगठित ड्रग कार्टेल की जड़ों तक पहुंचा जा सके।

लखनऊ और देहरादून जोन के लिए बड़ी सौगात

इस राष्ट्रव्यापी सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई अन्य महत्वपूर्ण पहलों की भी शुरुआत करेंगे। वह नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागृति फैलाने के लिए नए टेलीविजन विज्ञापनों (TVCs) का विमोचन करेंगे। इसके अलावा, लखनऊ और देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नए ज़ोन परिसरों की आधारशिला भी रखी जाएगी। साथ ही, देश भर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्यों के एएनटीएफ यूनिट्स को सम्मानित किया जाएगा और एनसीबी की नई और उन्नत वेबसाइट को भी लॉन्च किया जाएगा।

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