नई दिल्ली में आतंकवाद-रोधी ‘प्रहार’ सम्मेलन का उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से आतंकवाद के खात्मा के लिए 7-स्तंभों वाली 'प्रहार' रणनीति पर जोर दिया, नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति पर आयोजित ‘प्रहार’ (PRAHAAR) सम्मेलन का उद्घाटन किया।
- सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ‘प्रहार’ रणनीति के सात स्तंभों और अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित करने पर चर्चा हुई।
- गृह मंत्री ने एक नए प्रत्यर्पण पोर्टल का शुभारंभ किया, जिससे विदेशों से भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने के प्रयासों में तेजी आएगी।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 सितंबर: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत और पुख्ता बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘प्रहार – सीटी (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ पर आधारित इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के प्रमुख, राज्यों के पुलिस महानिदेशक (DGP) और सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवाद-रोधी दस्तों (ATS) के प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति को जमीन पर उतारने के लिए व्यापक मंथन किया गया।
‘प्रहार’ रणनीति के सात स्तंभ और मजबूत सुरक्षा तंत्र
सम्मेलन के दौरान ‘प्रहार’ (PRAHAAR) रणनीति के सात प्रमुख स्तंभों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें मुख्य रूप से रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का इंटीग्रेशन, मानवाधिकारों का संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल और ‘होल-ऑफ-सोसाइटी’ (Whole-of-Society) दृष्टिकोण के साथ रिकवरी व लचीलापन शामिल हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवादी घटनाओं का लगातार और बारीकी से विश्लेषण किया जाना चाहिए ताकि अगले 10 वर्षों के लिए एक ठोस और अचूक ‘प्रहार’ तंत्र स्थापित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि इस रणनीति को केवल उच्च स्तर तक सीमित न रखकर थाना स्तर तक पहुंचाया जाए और आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को संस्थागत रूप दिया जाए।
नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च और भगोड़ों पर शिकंजा
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने एक अत्याधुनिक ‘प्रत्यर्पण पोर्टल’ (Extradition Portal) का भी शुभारंभ किया, जिससे विदेशी धरती पर छिपे बैठे भगोड़े अपराधियों को वापस भारत लाने की प्रक्रिया में और अधिक तेजी और समन्वय आएगा। पिछले कुछ वर्षों की सफलताओं का जिक्र करते हुए आंकड़े साझा किए गए कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच भारत सरकार ने 36 देशों से कुल 288 भगोड़े अपराधियों को सफलतापूर्वक देश वापस लौटने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा, एजेंसियों के आपसी बेहतर समन्वय के कारण सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले शहजाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल्स को ध्वस्त किया गया है। गृह मंत्री ने राज्य पुलिस बलों से आग्रह किया कि वे केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर विदेश से भगोड़ों को दबोचने के लिए विशेष टीमों का गठन करें।
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