भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में गतिरोध, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- बातचीत एक पड़ाव पर पहुंची
पूनम शर्मा
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता फिलहाल एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत एक ऐसे चरण में पहुंच गई है जहां आगे बढ़ना आसान नहीं है। अमेरिका और भारत के अधिकारी बाजार पहुंच, व्यापार संतुलन और शुल्क से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।
सीतारमण के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच फरवरी 2025 से आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा व्यापार का विस्तार करने के लिए बातचीत चल रही है। हालांकि दोनों पक्षों की प्राथमिकताओं में अंतर के कारण समझौते तक पहुंचने में कठिनाई बनी हुई है।
अमेरिका भारत के साथ अपने व्यापार घाटे को कम करना चाहता है, जबकि भारत अपने घरेलू उद्योगों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना चाहता है। भारतीय पक्ष की कोशिश है कि बाजार खोलने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में घरेलू हितों की पर्याप्त सुरक्षा बनी रहे।
अमेरिका की ओर से भी संकेत मिले हैं कि फिलहाल किसी तत्काल समझौते की संभावना नहीं है। दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन अगले चरण में नए विकल्प और समझौते के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति महत्वपूर्ण होगी।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका भारत का प्रमुख निर्यात बाजार है और दोनों देशों के बीच तकनीक, रक्षा, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स तथा सेवाओं के क्षेत्र में भी व्यापक सहयोग है।
ऐसे में व्यापार वार्ता में लंबे समय तक गतिरोध रहने का असर निवेश और कारोबारी धारणा पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, यदि दोनों पक्ष संवेदनशील मुद्दों पर समझौता कर लेते हैं तो इससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति मिल सकती है।
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